नई दिल्ली, [रूपेश रंजन सिंह]। बांग्लादेश में टी-20 विश्व कप क्रिकेट में दुनिया भर की सबसे बेहतरीन 16 टीमों के कुल 240 खिलाड़ी धूम मचाने आए हैं। क्रिकेट का यह वह प्रारूप है, जिसमें खिलाड़ी चंद मिनटों में बड़ा नाम कमा जाता है। इस बार भी ऐसा होगा। कुछ नए चेहरे जाने-माने चेहरों की जमात में शामिल हो जाएंगे। लेकिन खिलाड़ियों की इस भीड़ में चंद खिलाड़ी ऐसे हैं जिन पर अभी से सभी की नजरें टिकी हुई हैं। सभी उनका जलवा देखने को बेताब हैं। आइए आपको मिलवाते हैं उन टॉप-5 बल्लेबाजों और गेंदबाजों से..

क्रिस गेल (वेस्टइंडीज): क्रिकेट की दुनिया में क्रिस गेल वह नाम है, जिनके सामने गेंद डालने की बात सुनते ही गेंदबाजों का जोश ठंडा पड़ जाता है। जिस क्रूरता के साथ वह गेंदों की धुनाई करते हैं वैसा कोई दूसरा बल्लेबाज नहीं करता। 2007 से 2010 तक टेस्ट मैचों में वेस्टइंडीज की कप्तानी करने वाले गेल ने आइपीएल से अपनी धुअंांधार बल्लेबाजी को स्थापित किया। वैसे गेल उन चार खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्होंने टेस्ट मैचों में एक नहीं, बल्कि दो बार तिहरा शतक जड़ा है। यानी वह लंबी पारी खेलने में भी माहिर हैं। टी-20 क्रिकेट में उनके नाम 37 मैचों में 140.37 की स्ट्राइक रेट से 1096 रन दर्ज हैं। जिसमें उन्होंने एक शतक (117) और दस अर्धशतक जमाए हैं।

युवराज सिंह (भारत): वैसे तो भारतीय टीम में ताबड़तोड़ बल्लेबाजों की कोई कमी नहीं है, लेकिन 2007 के टी-20 विश्व कप में स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में छह छक्के जड़ने वाले युवराज सिंह पर पूरी दुनिया की नजर टिकी है। कैंसर को मात देकर मैदान पर उतरे युवी अपनी दूसरी पारी में अभी तक खास सफलता हासिल नहीं कर सके हैं। आलोचक उन्हें चुका हुआ बता रहे हैं। अब टी-20 विश्व कप के जरिये वह एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर रहे हैं। छोटे प्रारूप के सबसे खतरनाक खिलाड़ियों में से एक युवी इस मौके को भुनाते हुए आलोचकों को गलत साबित करने को बेताब होंगे। टी-20 क्रिकेट में उन्होंने 34 मैचों में 153.08 की स्ट्राइक रेट से 868 रन बनाए हैं।

डेविड वार्नर (ऑस्ट्रेलिया): ऑस्ट्रेलिया का यह सलामी बल्लेबाज किसी डाइनामाइट से कम नहीं। जब वह अपने रंग में होते हैं, तो दुनिया के धुरंधर गेंदबाजों की भी खैर नहीं होती है। आइपीएल पर निगाह रखने वाले उनकी इस खासियत के बारे में अच्छी तरह जानते हैं। लंबे शॉट खेलने में माहिर वार्नर ने 47 टी-20 मैच में 139.93 की स्ट्राइक रेट से 1300 रन बनाए हैं। दस अर्धशतक जमाने वाले वार्नर का उच्चतम स्कोर नाबाद 90 रन है।

शाहिद आफरीदी (पाकिस्तान): लंबे समय से ताबड़तोड़ बल्लेबाजी का पर्याय रहे शाहिद आफरीदी का यह आखिरी आइसीसी टी-20 विश्व कप टूर्नामेंट हो सकता है। युवाओं के कहे जाने वाले इस खेल में 33 वर्षीय आफरीदी का बल्ला यदि चल पड़ा तो वह कुछ गेंदों में ही मैच का पासा पलट सकते हैं। कुछ दिनों पहले समाप्त हुए एशिया कप टूर्नामेंट के दौरान लोगों ने एक बार फिर यह महसूस भी किया होगा। वनडे में 18 गेंदों पर तीन बार अर्धशतक लगाने वाले आफरीदी ने 70 टी-20 मैचों में 143.01 की स्ट्राइक रेट से 1044 रन बनाए हैं। नाबाद 54 रन उनका उच्चतम स्कोर है।

एबी डिविलियर्स (दक्षिण अफ्रीका): मौजूदा सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खिलाड़ियों में से एक। अपनी पारी को सही गति से आगे बढ़ाने में माहिर। क्रिकेट की किताब का हर शॉट है इनके पास, साथ ही कुछ ऐसे शॉट भी खेल जाते हैं जो गेंदबाज को चकरा दें। 51 टी-20 मैचों में डिविलियर्स ने 121.25 की स्ट्राइक रेट से 867 रन बनाए हैं। नाबाद 79 रन एबी का उच्चतम स्कोर है।

गेंदबाज

मिशेल जॉनसन (ऑस्ट्रेलिया): यदि किसी बल्लेबाज से यह सवाल किया जाए कि वह मौजूदा दौर में किस गेंदबाज के सामने नहीं पड़ना चाहेगा तो निश्चित ही उसका जवाब मिशेल जॉनसन होगा, जोकि अपने करियर के स्वप्निल दौर से गुजर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया को एशेज में ऐतिहासिक जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने का बाद दक्षिण अफ्रीका में भी जॉनसन का कहर जारी रहा। अब वह अपनी टीम को आइसीसी टी-20 विश्व कप का पहला खिताब दिलाने की पुरजोर कोशिश करेंगे। उन्होंने अभी तक 30 टी-20 मैच में 20.97 की औसत से 38 विकेट लिए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 3/15 रहा है।

लसिथ मलिंगा (श्रीलंका): ऐसा गेंदबाज जिससे हर बल्लेबाज खौफ खाता है। डेथ ओवरों में तो और भी खतरनाक। मलिंगा को टी-20 का विशेषज्ञ गेंदबाज माना जाता है। टीम के लिए गेंदबाजी का आगाज करने वाले मलिंगा ने अभी तक 50 टी-20 मैच खेले हैं। इनमें उन्होंने 21.61 की औसत से 60 विकेट झटके हैं। 31 रन पर पांच विकेट मलिंगा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

सुनील नरेन (वेस्टइंडीज): नरेन ने बहुत कम समय में अपनी फिरकी गेंदबाजी की प्रतिभा का लोहा मनवाया है। आइपीएल-5 में केकेआर की टीम को चैंपियन बनवाने में नरेन ने अहम योगदान दिया था। उनकी स्पिन गेंदबाजी अभी भी बल्लेबाजों के लिए एक पहेली है, इस कारण वह अपनी टीम के लिए ट्रंप कार्ड साबित हो सकते हैं। अपने चार ओवरों के दम पर मैच का नतीजा तय करने का माद्दा रखने वाले नरेन ने अभी तक खेले 23 टी-20 मुकाबलों में 17.31 की औसत से कुल 29 विकेट झटके हैं। 12 रन देकर चार विकेट नरेन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

सईद अजमल (पाकिस्तान): अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में देरी से प्रवेश पाने वाले 36 वर्षीय अजमल मौजूदा दौर के सबसे खतरनाक फिरकी गेंदबाज हैं। अच्छी फॉर्म में हैं और लगातार विकेट चटका रहे हैं। डेथ ओवरों में गेंदबाजी करना इनकी खासियत है। इनकी फिरकी गेंदों को बल्लेबाज अभी अच्छी तरह से पढ़ नहीं पाए हैं और यह बात गेंदबाजी करते समय अजमल के चेहरे पर आत्मविश्वास के रूप में साफ झलकती है। अजमल ने 59 टी-20 मैचों में 17.02 की औसत से 81 विकेट चटकाए हैं। 19 रन पर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है।

मोर्नी मोर्केल (दक्षिण अफ्रीका): वैसे तो दक्षिण अफ्रीकी टीम में डेल स्टेन जैसे धाकड़ गेंदबाज हैं, लेकिन विकेट चटकाने के मामले में मोर्नी का कोई सानी नहीं। आइपीएल के पिछले संस्करणों में दिल्ली डेयरडेविल्स की तरफ से खेलते हुए उन्होंने विपक्षी बल्लेबाजों की हालत पतली कर दी थी और दर्शक एक बार फिर उनकी सटीक गेंदबाजी का कमाल देखने को बेताब होंगे। मोर्नी ने 36 टी-20 मुकाबलों में कुल 43 विकेट लिए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 4/17 रहा है।

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