एटा, जागरण संवाददाता : परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से शनिवार को पुरुष नसबंदी पखवाड़ा शुरू किया गया। इसके अलावा टीकाकरण सत्र, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर खुशहाल परिवार दिवस मनाया गया।

जिला अस्पताल के आपरेशन थिएटर में सीएमएस डा. अशोक कुमार ने फीता काटकर पुरुष नसबंदी पखवाड़ा व खुशहाल परिवार दिवस का उद्घाटन किया। जिसके बाद चिकित्सकों ने एक इच्छुक व्यक्ति की नसबंदी की। नोडल अधिकारी परिवार नियोजन एसीएमओ डा. आरएन गुप्ता ने बताया कि पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य पुरुष नसबंदी के बारे में समाज में जागरूकता लाना व इसके लिए पुरुषों को प्रेरित करना है। प्रदेश में एटा पुरुष नसबंदी में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने बताया कि खुशहाल परिवार दिवस हर माह 21 तारीख को मनाया जाएगा। जिसका मुख्य उद्देश्य नवदंपतीयों व अपना परिवार पूरा कर चुके दंपतियों को परिवार नियोजन के साधन अपनाने के लिए प्रेरित करना है। सर्जन डा. रामबिहारी ने बताया कि पुरुष नसबंदी बिल्कुल सुरक्षित प्रक्रिया है। इसके बाद किसी भी प्रकार की शारीरिक एवं यौन दुर्बलता नहीं होती है। कोई दूरगामी स्वास्थ्य जटिलताएं भी नहीं होती हैं। इसलिये परिवार कल्याण पर लोगों को ध्यान देना चाहिए। जिससे कि जनसंख्या वृद्धि पर कुछ हद तक अंकुश लगाया जा सके। प्रसव के दौरान शिशु की मौत शिकोहाबाद रोड स्थित एक अवैध नर्सिंग होम पर प्रसव के दौरान शिशु की मौत हो गई। जैथरा क्षेत्र निवासी सत्यपाल शनिवार को पत्नी सुधा को प्रसव के लिए वहां ले गए थे। प्रसव के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप है। वहीं, सुधा की हालत बिगड़ने पर उसे जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जहां उसे खतरे से बाहर बताया गया है।

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