हापुड़ (जेएनएन)। एक तरफ केंद्र सरकार तीन तलाक के खिलाफ कानून लाने में जुटी है। ​वहीं दूसरी ओर तीन तलाक के मामले खासकर उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं। ताजा मामला भी उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले का है। दिल्ली से सटे हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर में पत्नी को तीन बार तलाक बोलकर छत से फेंकने वाले आरोपी पति को अब नशा मुक्ति केंद्र नोएडा में भर्ती कराया गया है।

इस मामले में मुजफ्फरनगर के महिला थाने में आरोपी पति सहित, चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। घायल महिला का मुजफ्फरनगर के अस्पताल में उपचार चल रहा है।

नगर के मोहल्ला चौधरीयान निवासी शान मोहम्मद का निकाह करीब पांच साल पहले जिला मुजफ्फरनगर के खतौली थाना क्षेत्र की नर्गिस के साथ हुआ था। नर्गिस इस समय तीन बच्चों की मां है। नर्गिस ने मुजफ्फरनगर के महिला थाने में तहरीर देकर बताया कि 15 जनवरी की रात वह अपनी ससुराल में थी।

आरोप है कि पति शान ने मायके से अतिरिक्त दहेज में तीन लाख रुपये लाने की मांग की। मांग पूरी न होने पर शान मोहम्मद ने मारपीट की और तीन तलाक बोलते हुए छत से नीचे फेंक दिया। सूचना पर मायके वाले पहुंच गए और घायल नर्गिस को लेकर खतौली चले गए, जहां उसका उपचार कराया।

शान मोहम्मद की मां फिरोजा ने बताया कि निकाह के कुछ दिन बाद ही शान शराब पीने लगा। पत्नी नर्गिस से अक्सर उसका झगड़ा होता था। 15 जनवरी की रात भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ। फिरोजा ने बताया कि नर्गिस के छत से फेंकने के आरोप गलत हैं। वह खुद छत से कूदी थी।

नर्गिस के पिता ने बताया कि 15 जनवरी की रात उन्होंने 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी थी। सूचना पर दरोगा सुरेंद्र सिंह पहुंचे, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय मामले को रफा-दफा करके लौट आए। इसके बाद पीड़ित ने खतौली पुलिस की मदद ली।

मोहल्ले के लोगों ने बताया कि पत्नी से झगड़े के बाद नशे में धुत शान से कोई टकराता तो वह कहता कि उसने नर्गिस को तीन बार तलाक बोल दिया है। पुलिस अधीक्षक हेमंत कुटियाल ने कहा कि मामला मेरी जानकारी में नहीं है। अब इस मामले की जानकारी मिली है और यह बेहद गंभीर है। जांच के आदेश देकर उचित कार्रवाई की जाएगी।

जानें क्या है तीन तलाक

तीन तलाक से मुस्लिम आदमी अपनी बीवी को तीन बार तलाक़ बोल के अपने शादी को किसी भी समय तोड़ सकता है। भारत से पहले दुनिया के 22 ऐसे देश हैं जहां तीन तलाक पूरी तरह बैन है।

दुनिया का पहला देश मिस्र है, जहां तीन तलाक को पहली बार बैन किया गया था। हमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान हमसे कुछ मायनों में आगे है क्योंकि 1956 में ही वहां तीन तलाक को बैन कर दिया गया था।

साल 1929 में सूडान ने अपने देश में तीन तलाक को बैन किया। साइप्रस, जॉर्डन, अल्जीरिया, इरान, ब्रुनेई, मोरक्को, कतर और यूएई में भी तीन तलाक पर बैन है।

तीन तलाक पर अध्यादेश नहीं लाएगी केंद्र सरकार

सरकार ने कहा है कि उसका तीन तलाक पर किसी तरह के अध्यादेश लाने का विचार नहीं है। हालांकि, सरकार को उम्मीद है कि बजट सत्र में यह पारित हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि तीन तलाक बिल को लोकसभा ने शीतकालीन सत्र में ही अपनी मंजूरी दे दी थी, लेकिन अब तक उसे राज्यसभा की मंजूरी नहीं मिली है।


 

kumbh-mela-2021

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप