संवाद सहयोगी, घरौंडा:

कस्बे के लोग बंदरों के आतंक से खौफजदा हैं। उपद्रवी बंदरों के कारण लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला घरौंडा वार्ड-14 में देखने को मिला है, जहां छत पर सूखे कपड़े उतारने के लिए गई महिला के पीछे बंदरों का झुंड पड़ गया। बंदरों से बचने के लिए जैसे ही महिला सीढि़यों की तरफ बढ़ी तो उसका पैर फिसल गया और महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल अवस्था में महिला को अस्पताल में भर्ती करवाया। डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद महिला को छुट्टी दे दी। शहरवासियों ने नगरपालिका प्रशासन से गुहार लगाई है कि बंदरों को पकड़ने के लिए कार्रवाई अमल में लाई जाए। क्षेत्र में बंदरों के झुंड अक्सर छतों और गलियों में जाने वाले बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को अपना शिकार बनाते हैं। सोमवार की शाम वार्ड-14 निवासी अमित शर्मा की पत्नी पूजा रानी सूख रहे कपड़ों को उतारने के लिए छत पर चढ़ी। बताया गया है कि जब वह तार से कपड़े उतार रही थीं तो आस पास की छतों पर बैठे बंदरों का झुंड पूजा को काटने के लिए दौड़ पड़ा। इन्हें देख पूजा घबरा गई और सीढि़यों की तरफ बढ़ गई। बंदरों से बचने के चक्कर में पूजा का पैर सीढि़यों से फिसला और वह नीचे गिर गई। पूजा के सिर और टांगों पर गंभीर चोटें आईं। परिवार के सदस्य बंटी शर्मा ने बताया कि पूजा के सिर में गहरा जख्म आया है और टांग पर भी चोट लगी है। सिर में 14 टांके आए हैं, जबकि टांग पर भी 12 टांके लगे हैं।

वन्य जीव विभाग से नहीं मिली अनुमति

शहर में बंदरों का आतंक फैला हुआ है। बंदरों को पकड़ने के लिए नगरपालिका ने करीब डेढ़ माह पहले वन्य जीव विभाग को अनुमति के लिए पत्र लिखा था। लेकिन करीब डेढ़ माह का समय बीत जाने के बाद भी नगरपालिका को वन्य जीव विभाग की तरफ से अनुमति नहीं मिली है। विभागीय कार्रवाई में लेट लतीफी का खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। जब तक अनुमति नहीं मिलेगी, तब तक नगरपालिका भी कोई एक्शन नहीं ले सकेगी।

वर्जन- बंदरों को पकड़ने की अनुमति के लिए वन्य जीव विभाग से पत्र व्यवहार किया हुआ है। करीब डेढ़ माह बीत चुका है लेकिन अभी तक अनुमति नहीं मिली है। जैसे ही विभाग की तरफ से अनुमति मिलती है वैसे ही बंदरों को पकड़ने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। रविप्रकाश शर्मा, सचिव नगरपालिका घरौंडा।

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