मेरठ, जेएनएन। सीमित आमदनी में घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है। इस वजह से लोग आयकर बचत के तमाम विकल्प तलाश करते हैं और निवेश कर अधिक से अधिक आयकर बचाने की कोशिश करते हैं। आम तौर पर यह निवेश भविष्य की सुविधा के अनुसार किया जाता है। कोरोना काल में भी डाक विभाग की बचत योजनाओं पर लोगों का भरोसा बढ़ा है।

मार्च से पहले आयकर बचत के लिए लोग डाक विभाग की तरफ रूख कर निवेश कर रहे हैं। कोरोना काल के इस दौर में वित्तीय वर्ष 2020-21 में अप्रैल से फरवरी तक मेरठ डाक विभाग ने 114016 नये खाते खोले हैं। इसमें 86634 अप्रैल से दिसंबर तक नौ माह में खोले गए खातों की संख्या है, जबकि जनवरी के बाद इसकी संख्या तेजी से बढ़ी। एक जनवरी से 15 फरवरी तक 27382 खाते खोल दिए गए हैं।

सर्वाधिक ब्याज और निश्शुल्क सेवा से बढ़ रहा लोगों में विश्वास

मेरठ मंडल के प्रवर अधीक्षक डाकघर उग्रसेन ने बताया कि हाइटेक होने के साथ डाकघर की सेवाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। कोरोना काल में डाक विभाग ने केवल मेरठ में 76 हजार से अधिक आधार कार्ड बनाए। वहीं, महामारी के इस दौर में अप्रैल से अभी तक 1.14 लाख खाते खोले गए हैं। डाकघर की सेवाओं को लगातार बेहतर बनाने का प्रयास जारी है। डाकघरों में निवेश पर सर्वाधिक ब्याज दिया जा रहा है।

डाकघर में विभिन्न योजनाओं की बचत दर

योजना                               ब्याज दर

सुकन्या                    समृद्धि योजना 7.6 फीसद सालाना

पब्लिक प्रोविडेंट फंड स्कीम      7.1 फीसद सालाना

किसान विकास पत्र            6.9 फीसद सालाना (124 महीने में पूर्ण)

राष्ट्रीय बचत सर्टिफिकेट            6.8 फीसद सालाना

मासिक आय खाता                6.6 फीसद सालाना

पोस्ट आफिस बचत खाता         4.0 फीसद सालाना

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना          7.4 फीसद त्रैमासिक

आरडी स्कीम पांच साल के लिए        5.8 फीसद त्रैमासिक

पोस्ट आफिस टाइम डिपोजिट एक साल              5.5 फीसद त्रैमासिक

पोस्ट आफिस टाइम डिपोजिट दो साल                5.5 फीसद त्रैमासिक

पोस्ट आफिस टाइम डिपोजिट तीन साल              5.5 फीसद त्रैमासिक

पोस्ट आफिस टाइम डिपोजिट पांच साल             6.7 फीसद त्रैमासिक  

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