बगहा। किसानों को उनके फसलों का वाजिब मूल्य उन्हें अपने पंचायतों में मिल सके, इसके लिए पैक्सों को सशक्त किया गया। पैक्सों के माध्यम से उचित मूल्य पर धान एवं गेहूं की खरीद शुरू की गई। पर कुछ समय तक ठीक रहने के बाद किसानों की स्थिति पहले जैसी ही हो गई है। जिससे इनकी स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है। किसान एकबार फिर से अपने धान को लेकर मारे मारे फिर रहे हैं। वहीं कुछ बिचौलियों के हाथों अपने धान को बेचने पर मजबूर हैं। किसान औने पौने दाम पर अढ़तियों के हाथों से बेचकर अपने जरूरी खर्च को पूरा कर रहे हैं। जबकि सरकार के घोषणा के बावजूद भी समय से इसका क्रय नहीं हो पा रहा है। बता दें कि यह स्थिति केवल इस वर्ष की नहीं है। बल्कि, प्रत्येक साल यही समस्या धान व गेहूं के खरीद के समय उत्पन्न होती है।

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क्रय के लिए 15 नवंबर से समय का हुआ था निर्धारण:

पैक्सों के माध्यम से फसल मौसम 2019-20 में धान की खरीद के लिए सरकार ने 15 नवंबर से सभी केंद्रों पर धान की खरीद के लिए घोषणा की थी। जिसके लिए इसका दर भी निर्धारित किया गया है। सामान्य प्रभेद के धानों के लिए यह दर 1868 रुपये प्रति क्विटल है। पर, करीब एक सप्ताह से अधिक होने को है। क्रय का कार्य शुरू नहीं हो सका। इधर किसानों के समक्ष गेहूं की बुआई, खेत तैयार करना, बच्चों के फीस के अलावा अन्य खर्चे हैं। जिसके कारण आढतियों के हाथों फसल को बेचना मजबूरी है। बता दें कि आढतिए एवं बिचौलिए 1050 से लेकर 1200 रुपये प्रति क्विटल की दर से धानों की खरीद कर रहें। जो किसानों के खेती के लागत खर्च के बराबर ही होता है।

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कुछ केंद्रों पर हीं होगी खरीदारी:

प्रखंड के 18 पैक्सों में से कुछ पैक्स हीं कार्यरत हैं। जबकि अभी कुछ पैक्सों का चुनाव होना बाकी है। पर, विभागीय सूत्रों की माने तो जिन पैक्सों को धान की खरीद करनी है। उनका भी अभी सीसी नहीं हुआ है। जो खरीद के राह में रोड़ा है। बिना राशि के धान की खरीद संभव नहीं है।

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बयान :

जिन पैक्सों को धान क्रय करना है, उनका अभी सीसी नहीं हो सका है। जैसे हीं यह होता है। क्रय का कार्य शुरू हो जाएगा। वैसे दो चार दिनों में यह कार्य आरंभ होने की संभावना है।

विकास कुमार, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी

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