संवाद सहयोगी, ज्वालामुखी : शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर मार्ग से हटाई गई पुरानी केनोपी के सामान का कोई रखवाला नहीं है। ज्वालामुखी मंदिर मार्ग पर करीब पांच साल पहले डेढ़ करोड़ रुपये खर्च कर केनोपी बिछाई गई थी लेकिन इसमें हवा व रोशनी का कोई स्थान नहीं था। इस पर पुरानी केनोपी को उखाड़कर करीब ढाई करोड़ रुपये से नई केनोपी बनाई गई है।

मंदिर न्यास ज्वालामुखी ने नई केनोपी बनाने से पहले सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था कि पुरानी केनोपी का सामान बिलकुल सुरक्षित तरीके से निकालकर को छोटे-छोटे मंदिरों को जाने वाली सीढि़यों और रास्तों पर लगाया जाएगा, ताकि सामान को बर्बाद न होने दिया जाए। एशियन डेवलपमेंट बैंक के अधिकारियों व ठेकेदार ने सहमति व्यक्त की थी कि पुरानी केनोपी के सामान को तारा देवी मंदिर, भैरव बाबा मंदिर आदि स्थानों पर लगाकर नुकसान नहीं होने देंगे। लेकिन ठेकेदार ने पुरानी केनोपी के सामान को उखाड़कर बस अड्डे के पास एक नवनिर्मित मल्टी स्टोरी कार पार्किंग के बेसमेंट में रखा है जहां पर सामान सीलन और वर्षा की वजह से गल सड़ रहा है। कुछ सामान को लेबर ने कमरों में लगा लिया है।

हालांकि स्थानीय विधायक ने कई बार अधिकारियों व कर्मचारियों को इस बारे आगाह किया था कि पुरानी केनोपी के सामान को ठेकेदार से बरामद किया जाए, लेकिन विधायक के आदेश की भी अवहेलना की जा रही है। -------------- इस मामले की तह तक जाएंगे। ठेकेदार को पुरानी केनोपी के सामान को पूरा करवाने व मंदिर न्यास के हवाले करने के निर्देश दिए जाएंगे। -धनवीर ठाकुर, सहायक मंदिर आयुक्त।

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मैंने कई बार मंदिर अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुरानी केनोपी के सामान को ठेकेदार से बरामद किया जाए। इस सामान को छोटे-छोटे मंदिरों की सीढि़यों और रास्तों पर लगाया जाए, ताकि लाखों के सामान का सदुपयोग हो सके। लेकिन अधिकारी आदेश की परवाह नहीं कर रहे हैं। अब कार्रवाई की जाएगी।

-रमेश धवाला, विधायक एवं राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष।

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