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Tabrez Ansari mob lynching : देश स्‍तर पर चर्चित मॉब लिंचिंग मामले में जुड़ा नया अध्‍याय, डेढ़ साल बाद मोबाइल ऑन होते ही पकड़ाया आरिफ ; जानिए

Tabrez Ansari mob lynching. झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के सरायकेला थाना इलाके के धातकीडीह गांव में करीब डेढ़ साल पहले घटी तथाकथित मॉब लिंचिंग और मौत के मामले में नया अध्‍याय जुड़ा है। घटना के दिन चोरी गए दो मोबाइल अब बरामद हुए हैं।

By Rakesh RanjanEdited By: Published: Tue, 05 Jan 2021 09:44 PM (IST)Updated: Wed, 06 Jan 2021 01:40 PM (IST)
तबरेज अंसारी की फाइल फोटो। भीड़़ की कथित पिटाई से हो गई थी मौत।

सरायकेला/जमशेदपुर, जेएनएन। झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के सरायकेला थाना इलाके के धातकीडीह गांव में करीब डेढ़ साल पहले घटी तथाकथित मॉब लिंचिंग और जेल में चोरी के आरोपी तबरेज अंसारी की मौत का मामला अब लोगों के जेहन से लगभग मिट चला है। हालांक‍ि, पुलिस अब भी मामले पर अपनी निगाहें बनाए हुए है। घटना के दिन चोरी गए दो मोबाइल के खरीदार खरसावां के कदमडीहा गांव निवासी आरिफ अंसारी को चोरी की मोबाइलों के साथ दबोच लिया गया है। 

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बताया जा रहा है कि आरिफ अंसारी चोरी की मोबाइल खरीद-फरोख्त करता रहा है और ऐसे मामलों में कई बार जेल भी जा चुका है। मामले के अनुसंधानकर्ता रहे थाना प्रभारी सनोज कुमार चौधरी ने काफी सजगता के साथ मामले का अनुसंधान करते हुए आरोपी आरिफ को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। बताते चलें कि तबरेज प्रकरण को लेकर देश संसद में भी काफी शोरगुल हुआ था। साथ ही मामला पूरे देश भर में चर्चा का विषय बना हुआ था।

सर्विलांस पर था दोनों मोबाइल

17 जून 2019 को धातकीडीह गांव में घटी चोरी की घटना में गांव के हेमसागर प्रधान और राजेश प्रमाणिक के घर से दो मोबाइल चोरी होने का मामला दर्ज कराया गया था। जिसके बाद से ही पुलिस ने दोनों मोबाइल का ईएमआई ट्रेसिंग करने को लेकर सर्विलांस पर रखा था। दो दिन पहले ही चोरी गए दोनों मोबाइल के ऑन होते ही पुलिस ने आरिफ के घर पहुंच कर मोबाइल के साथ उसकी गिरफ्तारी की है।

क्या था देश चर्चित मामला

17 जून 2019 को सरायकेला थाना अंतर्गत धातकीडीह गांव में चोरी की घटना घटी। ग्रामीणों ने खदेड़ कर चोरी के एक आरोपी खरसावां के कदमडीहा निवासी तबरेज अंसारी को पकड़ा था। जबकि रात के अंधेरे का लाभ उठाकर उसके दो अन्य आरोपी साथी मोहम्मद इरफान और नुमेर अली फरार होने में सफल रहे थे। बाद में चलकर हाई प्रोफाइल बने उक्त मामले में आज तक पुलिस उक्त दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में असफल रही है। मजे की बात है कि उक्त दोनों फरार आरोपियों के खिलाफ उनके परिजनों द्वारा भी थाने में गुमशुदगी तक का मामला दर्ज नहीं कराया गया है।

तीन घरों में हुई थी चोरी की वारदात

उस रात गांव के तीन घरों हेमसागर प्रधान, राजेश प्रमाणिक और कमल महतो के घरों में चोरी की घटना को अंजाम दिए जाने की बात बताई गई थी। बताई गई घटना के अनुसार मौके पर ग्रामीणों द्वारा आरोपी तबरेज अंसारी की पुलिस को सूचना देते हुए पिटाई की भी गई। हालांकि इसके बाद पुलिस ने तबरेज को ग्रामीणों से अपने कब्जे में लेकर मेडिकल कराते हुए जेल भेज दिया गया था। तीन दिन बाद सरायकेला मंडल कारा में तबरेज का स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद सदर अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उसे मृत घोषित कर दिया गया था। जिसके बाद आरोप-प्रत्यारोप के बीच मामले को देश चर्चित हाई प्रोफाइल मामला बना दिया गया था।


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