जासं, कानपुर: गुरुद्वारा जवाहर नगर के ग्रंथी गुरुबचन सिंह की बेटी हरप्रीत कौर का हत्यारोपी मंगेतर जुगराज 11 महीने बाद पुलिस की पकड़ में आया। पुलिस ने जुगराज और उसके एक साथी को गुमटी गुरुद्वारा के पास से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम था। 22 वर्षीय हरप्रीत कौर 9 दिसंबर 2019 को जवाहर नगर गुरुद्वारा स्थित अपने घर से दिल्ली निवासी बड़े भाई सुरेंद्र सिंह के घर जाने के लिए रात साढ़े नौ बजे निकली थी। उसे श्रमशक्ति एक्सप्रेस पर सवार होना था, लेकिन न तो वह सेंट्रल स्टेशन पहुंची और न ही दिल्ली। 12 दिसंबर को उसका शव महाराजपुर हाईवे पर महुआ गांव व प्रेमपुर मोड़ के बीच सड़क किनारे पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। हरप्रीत का दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारे में क्लर्क पद पर तैनात अमृतसर निवासी युवराज उर्फ जुगराज से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिससे वह 13 दिसंबर को सगाई करने जा रही थी। मोबाइल सर्विलांस व सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने उस वैन चालक को गिरफ्तार कर लिया, जिसकी गाड़ी से हरप्रीत को सेंट्रल रेलवे स्टेशन से महाराजपुर तक ले जाया गया था।

इंस्पेक्टर नजीराबाद ज्ञान सिंह ने बताया कि पूछताछ में जुगराज ने बताया कि वह शादीशुदा था, यह जानकारी हरप्रीत को कुछ समय पहले ही मिली। 13 दिसंबर को सगाई की तिथि नजदीक आई तो उसने हरप्रीत को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिय। टाटमिल चौराहे के पास उसने हरप्रीत को वैन में बैठाया। जब उसने उसे शादी न करने के लिए कहा तो वह भड़क गई। इसके बाद ही उसने सुखचैन के साथ मिलकर हरप्रीत की हत्या कर दी।

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हरप्रीत के कपड़े व मोबाइल बरामद

थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपितों की शिनाख्त पर पुलिस ने हरप्रीत कौर का टच स्क्रीन फोन और उसके कपड़े बरामद किए हैं।

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