संवाद सहयोगी, कठुआ: गुज्जर समुदाय का एक प्रतिनिधिमंडल जिला सचिवालय पहुंचकर डीसी ओम प्रकाश भगत से मिला। इस दौरान फॉरेस्ट राइट एक्ट के तहत बनाई गई कमेटियों के गठन पर एतराज जताते हुए स्थानीय सरपंच और बीडीओ बरनोटी के खिलाफ रोष जताते हुए नारेबाजी की।

वीरवार को ब्लॉक बरनोटी के पंचायत जुथाना के गुज्जर समुदाय के एक प्रतिनिधि मंडल सदस्यों ने बताया कि अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद फॉरेस्ट राइट एक्ट जम्मू कश्मीर में भी लागू कर दिया गया है। इसके लिए यूटी सरकार का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि गत दिनों फॉरेस्ट राइट एक्ट के तहत पंचायत में कमेटियों का गठन किया गया, लेकिन उक्त कमेटी में उन्हें शामिल नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि बरनोटी ब्लॉक के बीडीओ और जुथाना के सरपंच ने बंद कमरे में कुछ चुनिंदा लोगों के साथ मिलकर कमेटी का गठन कर लिया, जबकि फॉरेस्ट राइट एक्ट जिन लोगों के लिए सरकार ने लागू किया है, उन्हें इन कमेटियों में शामिल ही नहीं किया।

उन्होंने बताया कि फॉरेस्ट राइट एक्ट लागू होने से पहले ही राजनीतिज्ञ की भेंट में चढ़ गया है। इसमें कुछ राजनीतिक लोग शामिल हुए हैं जो सिर्फ अपने ही लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए कमेटी में शामिल कर रहे हैं, जबकि जरूरतमंद लोगों को इससे बाहर रखा गया है और ना ही उनके साथ कोई विचार विमर्श किया गया। इस संबंध में बीडीओ बरनोटी से मिले थे, लेकिन उन्होंने भी इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया। इसके चलते उन्हें मजबूरन जिला उपायुक्त के पास आना पड़ा। उन्होंने बताया कि जिला उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि वे बीडीओ बरनोटी और सरपंच को निर्देश जारी करेंगे कि जिन लोगों को इसका फायदा मिलना चाहिए उन्हें इस कमेटी के सदस्य बनाया जाए।

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