नई दिल्‍ली। मप्र में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनैतिक हमले बढ़ते जा रहे हैं। कोई नेता किसी से कम नहीं है। नेताओं को छोडि़ए, सोशल मीडिया पर भी राजनैतिक लड़ाई लड़ी जा रही है। सोशल मीडिया पर एक पोस्‍ट वायरल हो रही है। इसमें दावा किया गया है कि SC/ST Act में FIR करवाने के बावजूद प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अरेस्‍ट क्‍यों नहीं किया जा रहा है? हमने जब वायरल मैसेज की सच्‍चाई जाने की कोशिश की तो हमें पता चला कि सीएम के खिलाफ कोई FIR ही दर्ज नहीं करवाई है। ऐसे में अरेस्‍ट का कोई सवाल ही खड़ा नहीं होता।

अभिनव सिंह नामक एक शख्‍स ने शिकायत की कॉपी को शेयर करते हुए लिखा है - सीधी-*बसंती कोल ने शिवराज सिंह के खिलाफ एससी , एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने हेतु थाने में दिया आवेदन ।*

7 सितंबर को सतना से शेयर की गई इस पोस्‍ट को अब तक 4700 से ज्‍यादा लोगों ने शेयर किया। सैकड़ों कमेंट इस पोस्‍ट पर हैं। हर कमेंट पर शिवराज सिंह चौहान निशाने पर हैं।

 

इसी तरह twitter पर अविनाश ने लिखा है - कई घंटे हो गए अभी तक शिवराज सिंह चौहान scst एक्ट में गिरफ्तार क्यों नही हुए???
प्रधानमंत्री जी दलित महिला को न्याय दे, कानून का पालन नही हो रहा है.

अब हमारे सामने इन पोस्‍टों की सच्‍चाई जानने की चुनौती थी। ये इतना आसान नहीं था।

पड़ताल

सबसे पहले हमने उस महिला को खोजने की कोशिश की, जिसे आधार पर FIR की बात की जा रही है। वायरल पोस्‍ट में जो आवेदन लोगों के साथ शेयर किया जा रहा है, वो सीधी की बसंती कोल के नाम पर थाना अजाक के थाना प्रभारी के नाम पर लिखी गई है। आवेदन से ही हमें पता चला कि बसंती जिला कांग्रेस कमेटी की महिला प्रकोष्‍ठ की जिलाध्‍यक्ष हैं। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि 2 सितंबर को शिवराज सिंह चौहान की जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान जब वे काला झंडा और प्रदर्शन कर रही थीं तो मुख्‍यमंत्री के निर्देश पर उनके साथ बदतमीजी की गई और जातिसूचक शब्‍द बोले गए।

जब हमने अजाक पुलिस स्‍टेशन से संपर्क किया तो पता लगा कि बंसती कोर की कोई शिकायत ही नहीं मिली। पुलिस स्‍टेशन इंचार्ज सरोज सिंह ने कहा, जो आवेदन वायरल हो रही है, वो अब तक हमें मिला ही नहीं है। SC/ST Act के तहत कोई FIR दर्ज नहीं की गई है।

दूसरी ओर, जब कांग्रेस के जिला अध्‍यक्ष रूद्र प्रताप सिंह से बात की तो उन्‍होंने पूरा मामला बताया। बसंती कोर ने मीडिया के सामने आकर एफआईआर दर्ज करवाने की बात जरूर कही थी, लेकिन उन्‍होंने ऐसा किया नहीं। सोशल मीडिया पर जो आवेदन वायरल हो रहा है, वो बसंती कोर ने नहीं लिखा है। बसंती जरूर एफआईआर करवाना चाहती थीं, लेकिन पार्टी इसके पक्ष में नहीं थी। इसलिए शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ कोई भी एफआईआर दर्ज नहीं करवाई गई है।

हमारी तहकीकात में शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ एफआईआर की बात पूरी तरह गलत निकली। प्रदेश के मुखिया को निशाना बनाने के लिए ऐसी पोस्‍ट वायरल की जा रही है। अगर पाठक चाहें तो ऊपर बताई गई प्रक्रिया से खुद भी इस वीडियो की सच्चाई को जांच सकते हैं।

पूरा सच जानें...सब को बताएं

सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी भी ऐसी किसी खबर पर संदेह है जिसका असर आप, समाज, और देश पर हो सकता है तो हमें बताएं। हमें यहां जानकारी भेज सकते हैं। ईमेल कर सकते हैं। वाट्सएप के माध्यम से सूचना दे सकते हैं।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप