खगड़िया। अपने कार्यकलाप से सदैव चर्चा में बने रहने वाले खगड़िया नगर परिषद के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी विनोद सिंह की मुसीबत बढ़ गई है। आईटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में नगर थाना में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। यह केस सामाजिक कार्यकर्ता मु. नसीम उर्फ लंबू द्वारा कोर्ट में परिवाद दायर करने व कोर्ट के आदेश पर नगर थाना में दर्ज किया गया। तत्कालीन डीएम अनिरूद्व कुमार से सांठगांठ रहने के कारण दो सालों तक फाइल पुलिस व कोर्ट में गणेश परिक्रमा करता रहा। कोर्ट ने दो साल पहले ही केस दर्ज करने का आदेश दिया था। तत्कालीन दो थानाध्यक्षों ने यह कहकर केस दर्ज नहीं किया था कि किसी भी पदाधिकारी पर केस दर्ज करने से पहले डीएम की अनुमति जरूरी है। डीएम के पास अनुमति को लेकर फाइल भेजी ही नहीं गई थी। इसी बीच विनोद सिंह का दूसरे जिले में तबादला हो गया। अधिवक्ता अजिताभ सिन्हा ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद भी दो सालों तक केस दर्ज नहीं करना कानून के खिलाफ है। आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी ने सरकारी पद पर रहते एक संप्रदाय के खिलाफ भड़काऊ पोस्ट किया था। इससे उनकी मानसिकता पर भी सवाल खड़ा किया गया था। मालूम हो कि दो करोड़ से अधिक सरकारी धन को अचानक प्राइवेट बैंक में ट्रांसफर करने का मामला भी उनपर है। मगर अब तक इस मामले में न तो जांच हो पाई और न ही इसके लिए कोई प्रयास ही किया गया। तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी का पक्ष जानने को लेकर उनके दोनों मोबाइल नंबर पर फोन किया गया। एक मोबाइल का स्वीच ऑफ था और दूसरे मोबाइल पर रिग होते रहा मगर उन्होंने मोबाइल नहीं उठाया।

'' केस दर्ज किया गया है। मामले की गहन पड़ताल की जा रही है। ''

रामस्वार्थ पासवान, नगर थानाध्यक्ष

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