जागरण संवाददाता, महोबा : गोपाष्टमी पर रविवार को अरुणोदय संस्थान की ओर से गो कृषि संरक्षण यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा का शुभारंभ जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने रामकुंड स्थित गोशाला से हरी झंडी दिखाकर किया। इस आयोजन के लिए डीएम ने संस्थान की प्रशंसा की।

डीएम ने कहा, पशुओं के नस्ल सुधार तकनीक के प्रति समाज को जागरुक करने की जरूरत है। उन्होंने गाय के अप्रत्यक्ष लाभ को जन जन तक पहुंचाने की बात कही। गो कृषि संरक्षण यात्रा के प्रभारी ज्ञान सिंह ने बताया कि ये यात्रा सात दिनों में जिले के 72 गांवों का अच्छादन करेगी। 32 गांवों में साधन जागरुकता के लिए नुक्कड़ सभाओं, ग्राम फेरी आदि के माध्यम से नागरिकों को संवेदित करने का प्रयास किया जाएगा। राजेंद्र ने कहा, संस्थान की ओर से भूमि की घटती उर्वरकता को बचाने के लिए गाय किस प्रकार से उपयोगी सिद्ध हो सकती है। गाय से बनने वाले उत्पाद धनजीवामृत, द्रवजीवामृत, नीमास्त्र आदि के बारे में लोगों को बताया जाएगा। ज्योति ने कहा, संस्थान द्वारा स्थायी कृषि प्रबंधन व आजीविका विकास संबंधी प्रकल्प के तहत जल संवर्धन, कृषि संरक्षण, संस्थान द्वारा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन व अन्य समस्या के समाधान के लिए ग्राम थुरट में अभिनव प्रयास किए हैं। जिससे खेती की उर्वरकता बढ़ी है। यात्रा दौरान मलखान, सुधा, धमर्ेंद्र, विजय, उज्ज्वल, सभासद नरेंद्र, श्यामकिशोर गोस्वामी, जागेश्वर चौरसिया, संजय गुप्ता, संतोष प्रजापति, लखन कुशवाहा आदि मौजूद रहे। कोरोना के चलते कार्यक्रम स्थगित

आश्रम के महंत स्वामी बजरंग दास ने बताया कि प्रति वर्ष यहां पर गोपाष्टमी से शुरू होने वाला कार्यक्रम एक सप्ताह तक चलता था। जिसमें साप्ताहिक श्रीमछ्वागवत कथा का आयोजन होता था। लेकिन इस वर्ष कोविड के चलते भागवत कथा का आयोजन स्थगित कर दिया गया है और कार्यक्रम को सूक्ष्मता से करते हुए 29 नवंबर को अखंड कीर्तन के बाद 30 नवंबर को भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

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