संवाद सूत्र, कुरारा : क्षेत्र की गोशालाओं में गायों की पूजा की गई। इसके बाद उन्हें हल्दी लगाई गई, चना और हरी घास खिलाई गई। इसके बाद गाय का महत्व बताया गया है।

चेयरमैन श्रीकांत गुप्ता ने कहा, गाय को मां का दर्जा मिला है। पशु चिकित्सक अमिताभ सचान ने बताया कि गाय से प्राप्त पंचगव्य अमृत समान है। कृिष विज्ञान केंद्र के विज्ञानी डॉ. प्रशांत कुमार ने गाय के गोबर से खाद बनाने की विधि को बताया। वहीं, अतिरिक्त सदर एसडीएम व नगर पंचायत अधिशाषी अधिकारी राजेश चौरसिया ने बताया कि गाय औषधियों का भंडार है। भाजपा जिलाध्यक्ष बृज किशोर गुप्ता ने बताया कि सरकार गोशालाओं का पूरा ध्यान रख रही है। इस अवसर पर बीडीओ रामसिंह अहिरवार, कस्बे के वार्ड सभासद नगर पंचायत कर्मी व कस्बे के कई लोग मौजूद रहे।

वहीं, सरीला में गोपाष्टमी पर नगर सरीला की गोशाला में जाकर एसडीएम सरीला जुबेर बेग एवं ईओ आशुतोष त्रिपाठी ने गौवंशीय पशुओं को गुड़, चना व हरा चारा खिलाकर पूजा अर्चना की गई और बाहर घूम रहे गोवंशीय पशुओं को गोशाला में पहुंचाया है। पशु चिकित्सा विभाग के द्वारा गोवंशीय पशुओं का चिकित्सीय परीक्षण किया गया व साथ ही इयर टैगिग कराई गई। बजरंग आश्रम में मेला का हुआ आयोजन

कोतवाली क्षेत्र के सिजनौडा मार्ग स्थित श्रीबजरंग आश्रम में प्रतिवर्ष की तरह गोपाष्टमी पर मेले का आयोजन किया गया। मेले में कस्बा सहित आसपास के दर्जनों गांवों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भजन,कीर्तन के साथ ही बजरंगबली के मंदिर में प्रसाद चढ़ाया है। आश्रम के महंत स्वामी बजरंग दास ने बताया कि प्रति वर्ष यहां पर गोपाष्टमी से शुरू होने वाला कार्यक्रम एक सप्ताह तक चलता था। जिसमें साप्ताहिक श्रीमछ्वागवत कथा का आयोजन होता था। लेकिन इस वर्ष कोविड के चलते भागवत कथा का आयोजन स्थगित कर दिया गया है और कार्यक्रम को सूक्ष्मता से करते हुए 29 नवंबर को अखंड कीर्तन के बाद 30 नवंबर को भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

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