रुद्रप्रयाग, बृजेश भट्ट। Coronavirus Effect On Chardham Yatra 2020 कोरोना संक्रमण के चलते केदारनाथ मंदिर की आय में भारी गिरावट आई है। बीते वर्ष जहां मंदिर को 22 करोड़ से अधिक की आय हुई थी। वहीं इस बार वह महज दो करोड़ पर सिमट गई। यही स्थिति वर्ष 2013 में केदारनाथ आपदा के बाद भी आई थी। तब यात्रा ठप पड़ जाने से केदारनाथ मंदिर की आर्थिकी पूरी तरह चरमरा गई थी। यहां तक कि मंदिर के अधिकारियों-कर्मचारियों का वेतन निकालना भी मुश्किल हो गया था। ऐसे में बदरीनाथ मंदिर की आय से उन्हें वेतन देना पड़ा।

आपदा के बाद वर्ष 2016 तक केदारनाथ पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या काफी कम रही। इसका असर मंदिर की आय पर भी पड़ा। वर्ष 2017 से यात्रा ने रफ्तार पकड़ी तो मंदिर की आय भी बढ़ने लगी। बीते वर्ष रिकॉर्ड दस लाख 21 यात्री केदारनाथ पहुंचे, जिससे आय भी 22 करोड़ पहुंच गई, लेकिन इस वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते एक बार फिर मंदिर की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है।

इस बार 134981 यात्री ही केदारनाथ पहुंचे, जिनसे महज दो करोड़ की आय मंदिर को हुई। उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के कार्याधिकारी (ऊखीमठ) एनपी जमलोकी बताते हैं कि केदारनाथ मंदिर को होने वाली आय से कर्मचारियों का वेतन, देवस्थानम बोर्ड के अधीन आने वाले अतिथि गृहों की देख-रेख समेत कई अन्य विकास कार्य किए जाते हैं।

वर्तमान में बोर्ड तृतीय केदार तुंगनाथ समेत धाम के शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ में भी यात्रियों के लिए विश्रम गृह का निर्माण करने जा रहा है। साथ ही बोर्ड आयुर्वेदिक व संस्कृत विद्यालयों का संचालन भी करता है। लेकिन, जैसी स्थिति है, उसमें ये सारे कार्य प्रभावित होंगे। यही नहीं, बोर्ड के कर्मचारियों को भी सरकार की मेहरबानी पर निर्भर रहना पड़ सकता है।

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