अमित माही, ऊधमपुर : कोरोना वैक्सीन को लेकर लोगों के मन से डर अब कम होने लगा है। पिछले एक माह से ज्यादा समय से चल रहे वैक्सीनेशन अभियान में अब कई लोगों को दूसरी डोज भी लगनी शुरू हो गई है। जिले में पंजीकृत स्वास्थ्य कर्मियों में से 82 फीसद और दूसरे चरण में प्रथम पंक्ति के योद्धाओं में से 53 फीसद से अधिक लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं, जबकि 36 फीसद स्वास्थ्य कर्मचारी दूसरी डोज भी लगवा चुके हैं।

16 फरवरी को पूरे देश में एक साथ कोरोना वैक्सीनेशन का अभियान शुरू हुआ था। पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मचारियों को कोरोना वैक्सीन लगानी शुरू की गई। पहले चरण में कोरोना वैक्सीनेशन के लिए 3,597 स्वास्थ्य कर्मचारी पंजीकृत किए थे। शुरुआत में कोरोना वैक्सीन लगवाने को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों में जो डर और घबराहट देखने को मिली थी, वह अब कम होती जा रही है।

स्वास्थ्यकर्मी कोरोना वैक्सीन लगवाने अब आ रहे हैं। जिले में पहले चरण में पंजीकृत स्वास्थ्य कर्मचारियों में से 2,946 वैक्सीन की पहली डोज लगवा चुके है। यह निर्धारित लक्ष्य का 81.90 फीसद है। वहीं, चार सप्ताह का समय पूरा होने के बाद 1,324 कर्मचारी दूसरी डोज भी लगवा चुके हैं, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 36.81 फीसद है। कुल मिलाकर जिले में पंजीकृत लोगों में से 58.98 फीसद लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। जिले में वैक्सीनेशन अभियान का दूसरा चरण भी शुरू हो चुका है, जिसमें प्रथम पंक्ति के कार्यकर्ताओं में शामिल राजस्व कमियों, पंचायत प्रतिनिधियों, शहरी व आवास विकास और सुरक्षाबल के जवानों को वैक्सीन की डोज दी जा रही है।

दूसरे चरण में वैक्सीन देने के लिए 7,896 प्रथम पंक्ति के कार्यकर्ता पंजीकृत हैं, जिनमें से 4,195 को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है। यह निर्धारित लक्ष्य का 53.12 फीसद है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक शुरू में पोर्टल की वजह से भी कुछ समस्या हुई थी, मगर वैक्सीन को लेकर लोगों के मन में बैठा डर और घबराहट अभियान में काफी बड़ी बाधा बनी। लेकिन जिले के बड़े अधिकारियों के वैक्सीन लगवाने के साथ इसको लेकर की जा रही जागरूकता अपना प्रभाव दिखा रही है।

लोगों के मन में वैक्सीन को लेकर जो डर और घबराहट थी, वह अब कम होने लगी है। जिला और ब्लाक मुख्यालयों पर वैक्सीन लगवाने नहीं आ रहे लोग जिले की पंचायतों से जिला और ब्लाक मुख्यालय तक लोगों का न आना भी एक परेशानी है। स्वास्थ्य विभाग ने उन लोगों तक पहुंच कर अब वैक्सीन लगाने का फैसला लिया है। इसके लिए विशेष वैक्सीनेशन सत्र लगाने का प्रावधान किया है। मगर इसके लिए लगाए जाने वाले एक सत्र में 100 या इससे अधिक लोगों का होना अनिवार्य है।

पंचायत प्रतिनिधियों, सुरक्षाबल के अधिकारियों की मदद से सत्र के लिए करीब 100 लोगों का पहुंचना सुनिश्चित करवा कर सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। जिले से बाहर जवानों की तैनाती के कारण नहीं हो रहा वैक्सीनेशन जिले में तैनात सुरक्षाबल के जवानों की जिले से बाहर और दूर स्थानों पर पोस्टिंग की वजह से दूसरे चरण में वैक्सीनेशन का लक्ष्य अभी करीब 53.12 फीसद ही प्राप्त हो सका है।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सबसे कम वैक्सीनेशन आइटीबीपी के जवानों का हुआ है। 1,400 आइटीबीपी जवानों में से करीब एक हजार जवान लद्दाख में तैनात हैं। इसी तरह सीआरपीएफ के भी करीब 40 फीसद जवान जिले से बाहर अन्य जिलों में या दूर तैनात हैं। पुलिस के भी करीब 45 फीसद जवान जिले से बाहर तैनात हैं। जिले में पंजीकृत लोगों में से करीब 60 फीसद लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगा दी गई है। शेष बचे 40 फीसद लोगों में 90 सुरक्षाबल के जवान हैं, जो पंजीकृत तो ऊधमपुर जिले में हुए हैं, मगर उनकी तैनाती जिले से बाहर राज्य के विभिन्न हिस्सों में है। इनमें आइटीबीपी के जवान सबसे ज्यादा हैं। संबंधित सुरक्षाबल से जिले से बाहर तैनात जवानों की सूची मांगी गई है।

यह सूची उन संबंधित जिलों के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारियों को भेजी जाएगी, जिनके जिलों में कोविन ऐप में पंजीकृत ऊधमपुर जिले के जवान तैनात हैं, ताकि वहां पर उनका वैक्सीनेशन किया जा सके। शेष 10 फीसद में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताएं, विभिन्न दवाओं के प्रति एलर्जिक या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से ग्रस्त लोग शामिल हैं। - डा. सिम्मी, डिप्टी सीएमओ ऊधमपुर

kumbh-mela-2021

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप