चंडीगढ़, [कुलदीप शुक्ला]। साल 2020 में कोरोना काल के दौरान गाड़ियों के पहिये थमने की वजह से सड़क हादसे, चालान सहित वाहनों की आवाजाही पर भी काफी असर पड़ा हैं। इन बीच चंडीगढ़ के लोगों में बाइक पर बिना हेलमेट चलने की आदत में सुधार हुआ तो ओवरस्पीड ड्राइविंग करने की संख्या तेजी से बढ़ी हैं।

साल 2019 में 68,662 लोगों के बिना हेलमेट वाहन चलाने के चालान हुए थे, जबकि साल 2020 में इन चालानों का संख्या में तीन गुणा की कमी आई है और 19456 लोगों के चालान हुए हैं। इसी तरह ओवरस्पीड ड्राइविंग करने पर साल 2019 में 8814 चालान हुए, जबकि साल 2020 में कुल 30710 चालान काटे गए है। आंकड़ों के अनुसार इनमें करीब 61 फीसद गाड़ियां पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों की रजिस्टर्ड है।

मौत की बड़ी वजह ओवरस्पीड... 27 फीसदी दूसरे राज्यों के लोग शिकार 

2019 जनवरी से दिसंबर 2020 तक सड़क हादसें में 145 लोगों की जान जा चुकी है। 2019 में 305 हादसों में 104 और 2020 में 42 लोगों की मौत हुई हैं। ट्रैफिक पुलिस विभाग के सर्वे के आधार पर इन जानलेवा सड़क हादसों की 91 फीसद मुख्य वजह वाहनों की तेज रफ्तार सामने आई है। सड़क हादसों में शामिल 63 फीसद चंडीगढ़, 14 फीसद पंजाब, आठ फीसद हरियाणा और एक फीसद वाहन हिमाचल के नाम पर रजिस्टर्ड है।

2020 में चालान 

जेब्रा क्रासिंग - 53603

ओवरस्पीड ड्राइविंग - 30710

बिना हेलमेट ड्राइविंग - 19456

यू-टर्न         - 16152

अन्य चालान - 47659

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'' ट्रैफिक नियमों की पालना के लिए विभाग की तरफ से अलग-अलग तरीके से जागरूकता अभियान चलाया जाता है। बिना हेलमेट चलने वालों की संख्या कम होना एक अच्छी खबर है। ट्रैफिक नियमों की पूरी तरह से पालना करने से ही हर व्यक्ति की भलाई है। शहर के चौक चौराहों पर कैमरे लगने के बाद से ओवरस्पीड चलने वालों पर शिकंजा ज्यादा बढ़ा है।

                                                                            - चरणजीत सिंह, डीएसपी, पुलिस पीआरओ, चंडीगढ़।

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