जागरण संवाददाता, एटा: दिसंबर माह में आम के बागों में गुजिया और मिज कीट लगने की शुरुआत हो जाती है। जिनका आम के वृक्षों पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है। कोपलों में अंदर पहुंचकर कीट पेड़ों की पत्तियों को नष्ट कर देते हैं। इन कीटों से बचाव के लिए किसानों को जिला उद्यान विभाग प्रशिक्षण देगा ताकि जिससे जिले में आम की अच्छी पैदावार हो सके।

आम के बागों की लंबे समय तक गहरी जुताई और निराई न होने के कारण गुजिया और मिज कीटों का जन्म हो जाता है। सफेद और गुलाबी रंग के यह कीट जमीन से निकलकर पेड़ों पर चढ़ जाते हैं। पेड़ पर पहुंचने के बाद कीट पौधे की कोपलों में पहुंच जाते हैं। जहां वे पत्तियों को काटकर खोखला कर देते हैं। इतना ही नहीं पेड़ पर रहते हुए अपना कुनवा भी बढ़ा लेते हैं। इससे आम के पेड़ों पर आने वाले बौर पर गहरा असर पड़ता है। इतना ही नहीं इन कीटों के कारण आम की पैदावार भी घट जाती है। उसी से किसानों को बचाने के लिए जिला उद्यान विभाग जागरूकता अभियान चलाएगा। जिसमें किसानों को बताया जाएगा कि जमीन से साठ सेमी ऊंचाई तक पेड़ पर ग्रीस और पालीथिन लगाकर कीटों से पेड़ों की रक्षा की जा सकती है। जिला उद्यान अधिकारी नलिन सुंदरम भट्ट ने कहा कि दिसंबर माह के शुरूआत में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जिसमें बागवानी करने वाले किसानों को गुजिया और मिज कीट से बचाव के लिए जानकारी दी जाएगी।

बंदी सहित आधा दर्जन कोरोना संक्रमित: आधा दर्जन लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हैं। इनमें जिला कारागार में निरुद्ध 34 वर्षीय युवक, सकीट ब्लाक के नगला अगर निवासी 65 वर्षीय वृद्ध, मारहरा के गांव लोधामई निवासी 28 वर्षीय युवक, जलेसर के मुहल्ला बिचपुरी निवासी 46 वर्षीय व्यक्ति, शीतलपुर ब्लाक क्षेत्र के गांव अचलपुर निवासी 28 वर्षीय युवक और शहर के नेहरू नगर निवासी 53 वर्षीय व्यक्ति जांच में संक्रमित मिले हैं। इनमें से बंदी और नेहरू नगर निवासी व्यक्ति को बागवाला स्थित कोविड अस्पताल भेजा गया है। जबकि सकीट निवासी वृद्ध का इलाज सैफई और जलेसर निवासी व्यक्ति का इलाज आगरा के एक अस्पताल में कराया जा रहा है। अन्य दोनों मरीजों को होम आइसोलेट किया गया है।

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