देवरिया: छोटी गंडक नदी के कटान से प्रभावित तीन गांवों बरवा सेमरा, शाहजहांपुर व कोन्हवलिया का अस्तित्व अब बच जाएगा। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के प्रस्ताव पर शासन ने ढाई साल बाद 11.15 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति प्रदान की है। इस पर ग्रामीणों में खुशी जताई है।

पथरदेवा विधानसभा क्षेत्र के बरवा सेमरा व शाहजहांपुर व रामपुर कारखाना के कोन्हवलिया गांव छोटी गंडक नदी तट पर स्थित हैं। बाढ़ की विभीषिका के कारण अब तक 12 से अधिक मकान नदी में विलीन हो चुके हैं। लोग अपने मूल स्थान से पलायन होकर गांव के दूसरे स्थान पर अपना घर बनवाकर निवास कर रहे हैं। कटान को लेकर ग्रामीणों की तरफ से जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई जा रही थी। लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। ग्रामीणों ने कृषि मंत्री को भी पत्र लिखकर गुहार लगाई। ढाई साल से लंबित इस प्रस्ताव को शासन ने स्वीकृति प्रदान की है। लोगों को अब दूसरे स्थान पर पलायन नहीं करना पड़ेगा। क्षेत्र के देसही देवरिया अंतर्गत शाहजहांपुर गांव ऐतिहासिक महत्व का गांव है। ग्रामीणों का कहना है कि मुगल बादशाह शाहजहां अपनी सेना के साथ इधर से गुजर रहे थे। रात होने पर यहां विश्राम करने के साथ ही नमाज अदा की थी। इसलिए गांव का नाम शाहजहांपुर पड़ गया। जिस जगह नमाज अदा की, वहां पर ईदगाह बना है। उसकी चहारदीवारी का एक हिस्सा नदी में विलीन हो चुका है।

बाढ़ कार्य खंड के सहायक अभियंता सुधीर कुमार ने बताया कि तीन गांवों के लिए 11.15 करोड़ की परियोजना शासन से स्वीकृत हुई है। इसका टेंडर भी हो चुका है। जल्द ही कार्य शुरू कराया जाएगा।

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि कटान से प्रभावित इन गांवों को बचाने के लिए पहल की गई थी। इसके लिए धन स्वीकृत हो गया है।

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