लखनऊ, संवाद सूत्र। रक्षाबंधन के त्‍योहार पर बहन मिठाई लेकर मायके आई थी जहां मिठाई खाने के बाद सात लोगों की हालत बिगड़ गई। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने पड़ोसियों की मदद से बलरामपुर अस्पताल व अजन्ता हास्पिटल में भर्ती कराया। बलरामपुर अस्पताल में इलाज के दौरान एक की मौत हो गई।

अयोध्या की रहने वाली रीता गौड़ रक्षाबंधन के मौके पर अपने मायके पारा चंद्रोदय नगर निवासी 50 वर्षीय चाचा राकेश कुमार गौड़ के घर आई थी। रीता ने रक्षाबंधन के लिए आलमनगर स्थित संजय द मिठाई शाप से मिठाई खरीदी। इसके बाद वह राखी बांधने के लिए वापस चाचा के घर गई। 

वहां चाचा राकेश, चाचा रूपरानी, चचेरे भाई अमित व सुमित को राखी बांधकर व मिठाई देकर कृष्णानगर अपने पिता राजकुमार गौड़ के घर गई। वहां भाई और पिता को राखी बांधकर लालकुंआ में मामा छोटेलाल के घर मिठाई लेकर गई। मिठाई खाने के बाद पिता राजकुमार गौड़, मां ज्ञानवती, चाचा राकेश कुमार गौड़, चाची रूपरानी, चचेरे भाई अमित व सुमित मामा छोटेलाल की हालत बिगड़ गई।

हालत बिगड़ने पर परिजनों ने राजकुमार, ज्ञानवती, राकेश को बलरामपुर अस्पताल व रूपरानी, अमित व सुमित और छोटेलाल को आलमबाग अजन्ता हास्पिटल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान रविवार की सुबह चाचा राकेश कुमार गौड़ की मौत हो गई। जबकि चचेरा भाई सुमित व मामा छोटेलाल अभी भी अजन्ता हास्पिटल में भर्ती है।

राकेश कुमार फास्ट फूड की दुकान चलाता था। राकेश की मौत के बाद भतीजे अमन कुमार गौड़ ने पारा थाना में मिठाई दुकानदार के खिलाफ तहरीर दी है। जिस पर पारा पुलिस ने खाद्य एवं औषधि विभाग को जानकारी दी। मौके पर फूड सेल अधिकारी जेपी सिंह अपनी टीम के साथ पहुंचकर दुकान व घर से मिठाई के नमूने लिए।

Edited By: Vrinda Srivastava