जागरण संवाददाता, नवांशहर : गुरु नानक मिशन सेवा सोसायटी और गुरु की रसोई द्वारा गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब करतारपुर साहिब (पाकिस्तान) गुरु नानक देव जी के पवित्र गुरु घर के दर्शन के लिए भेजे गए 111 सदस्यों का एक समूह देर रात को दर्शन कर वापस लौट आया। नवांशहर और आसपास के गांवों से इस यात्रा में शामिल हुई संगत ने गुरुद्वारा साहिब में गुरु के चरणो में माथा टेका। भीषण गर्मी के बावजूद टीम के सदस्यों में पवित्र स्थान के दर्शन को लेकर खासा उत्साह रहा। समूह में मौजूद संगत ने कहा कि गुरु नानक साहिब की कर्मभूमि और आध्यात्मिक स्थान जहां से गुरु नानक जी ने मानवता को नाम जपना, काम करना और बांट कर खाना सिखाया, उस स्थान को देखकर अलौकिक आनंद मिलता है।

गुरुद्वारा सचखंड दरबार साहिब करतारपुर जी में चल रहे अखंड पाठ साहिब के चलते प्रधान ग्रंथी भाई गोबिद सिंह ने गुरुद्वारा साहिब के प्रांगण में नवांशहर से जत्थे के साथ बैठक कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया और इतिहास की जानकारी साझा की। उसके बाद भाई गोबिद सिंह ने भी गुरुद्वारा साहिब में सदस्यों का सम्मान किया। इसके अलावा वहां के मुस्लिम समुदाय ने भी संगत का स्वागत किया और विशेष तस्वीरें लीं। गुरु नानक मिशन सेवा सोसायटी के मुख्य सेवक सुरजीत सिंह ने कहा कि करतारपुर साहिब का गलियारा खुलने के बाद पांचवां युद्ध जत्था गुरु के चरणों में नतमस्तक हुआ, जिसमें त्रलोचन सिंह खटकड़ कलां, जगदीप सिंह कैशियर, जगजीत सिंह महासचिव, इंद्रजीत सिंह बहारा, हरदाम सिंह समराला, बेअंत सिंह निलोवाल, बलवंत सिंह सोइता, डा. गगनदीप सिंह सहित संगत शामिल थीं। डा. रमनप्रीत कौर गढ़शंकर, डा. जसदीप सिंह बलाचौर, डा. संचित कुमार गुप्ता, डा. जसप्रीत कौर, नरिदरपाल सिंह, गुरजीत कौर सरपंच रामरायपुर, बलदेव सिंह प्रबंधक, हरबिदर सिंह सुजान, विक्रांत कुमार सहित अन्य सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

Edited By: Jagran