जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : सेक्टर-21ए के पार्क में यहां की सिटीजन एसोसिएशन ने 45 फीट लंबा राष्ट्रीय ध्वज लगाया था, लेकिन नगर निगम ने ध्वज को अतिक्रमण बताते हुए हटा दिया, क्योंकि सिटीजन एसोसिएशन ने यहां पर ध्वज लगाने के लिए मंजूरी नहीं ली थी। सिटीजन एसोसिएशन एवं फासवेक के अध्यक्ष बलजिदर सिंह बिट्टू ने लिखित शिकायत यूटी प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित को भी की गई है। एसोसिएशन के अनुसार प्रधानमंत्री की अपील पर आजादी के 75वें महोत्सव के उपलक्ष्य में यह राष्ट्रीय ध्वज लगाया गया था। एसोसिएशन के खर्चे से ही यह ध्वज लगाया गया। 15 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम में पहले कमिश्नर आनिदिता मित्रा का आना तय था, लेकिन जब उन्हें पता लगा कि इस सरकारी पार्क में बिना मंजूरी के लिए ध्वज का पोल लगाया गया है, तो वह भी नहीं आई। फासवेक ने इस मुद्दे पर सवाल खड़ा किया है कि इस समय शहर में अतिक्रमण की भरमार है। जगह-जगह अवैध रेहड़ी-फड़ी लगी हुई है। ऐसे में उन्हें हटाने के बजाए लगाए गए राष्ट्रीय ध्वज को हटाया गया। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार एसोसिएशन ने बिना मंजूरी लिए ध्वज लगा दिया, जो कि नियमों के खिलाफ था, इसलिए ध्वज का पोल हटाया गया है। एसोसिएशन ने अपनी शिकायत में हटाए गए पोल की कार्रवाई की वीडियो भी साथ में भेजी है। इस पार्क का रखरखाव सिटीजन एसोसिएशन ही कर रही है। फासवेक के अध्यक्ष का कहना है कि 15 अगस्त को हुए कार्यक्रम में 200 लोकल रेजिडेंट्स ने भाग लिया। लोकल थाना प्रभारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे। 16 अगस्त को उन्होंने देखा कि नगर निगम के कुछ कर्मचारियों ने राष्ट्रीय ध्वज का पोल उखाड़ दिया। जेई ने बताया कि यह ध्वज अवैध तरीके से लगाया गया है। उन्होंने बताया कि शिकायत में प्रशासक को इस मामले की जांच करने की अपील की गई है। बिट्टू का कहना है कि पूरे शहर में अतिक्रमण हुआ पड़ा है। जो कि नगर निगम को दिखाई नहीं देता है। राष्ट्रीय ध्वज को लोगों ने पूरे मान सम्मान के साथ लगाया था जिसे नगर निगम ने हटा दिया। इस घटना से लोकल रेजिडेंट्स में भारी रोष है।

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