जागरण संवाददाता, भागलपुर। भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस : 1947 में आज के दिन तक भारत अखंड था। अंग्रेजों के कुटिल चाल के चलते पहले पाकिस्तान को स्वतंत्रता दी गई, उसके बाद भारत को। भारत के नेताओं ने गद्दी के लिए विभाजन स्वीकार कर लिया, जिसके कारण देश को त्रासदी झेलनी पड़ी। करीब दो करोड़ लोग बेघर हो गए और आठ लाख से अधिक लोगों की हत्या हुई। संपत्ति की लूट के साथ-साथ कई ऐसी घटनाएं हुई, जो रोंगटे खड़ी कर देती हैं। यह बातें भारतीय जनता पार्टी द्वारा रविवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के मौके पर मौन जुलूस कार्यक्रम के पूर्व जिला अध्यक्ष रोहित पांडेय ने कही।

उन्होंने कहा कि भारतवासी पंजाब, सिंध, गुजरात, मराठा गाते हैं। एक दिन अखंड भारत का हमारा सपना जरूर साकार होगा। पूर्व जिला अध्यक्ष हरवंश मणि सिंह ने कहा कि यह मानव इतिहास में सबसे बड़ी विभीषिका थी। विश्व के किसी भी त्रासदी में इतने लोगों ने कभी जान नहीं गंवाया। मौन जुलूस भगत सिंह चौक से निकाला गया। कार्यक्रम में नभय चौधरी, पवन मिश्रा, रोशन सिंह, दिलीप निराला, राजकुमार सिंह, राजीव तिवारी, संजय केजरीवाल, इंदु भूषण झा, प्‍यारे हिंद, राजेश टंडन, राज किशोर गुप्ता, दीपक शर्मा, अनुपलाल साह, प्रिंस मंडल, कार्यक्रम संयोजक नंदकिशोर हरि, ओम भास्कर, आलोक बंटू, जिया गोस्वामी, संदीप शर्मा, प्रिंस मंडल शामिल थे।

भाजपा ने मनाया देश विभाजन विभीषिका दिवस

बांका में भाजपा ने रविवार को देश विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस मनाया। पार्टी कार्यालय में जिलाध्यक्ष विकास कुमार स‍िंह की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला। जिलाध्यक्ष ने कहा कि जिन्ना के द्वि-राष्ट्र सिद्धांत के सामने आजादी के वक्त पूरी कांग्रेस पार्टी ने सरेंडर कर दिया। इस कारण भारत देश दो टुकड़ों बंट गया। इस बंटवारे के दौरान लाखों हिंदुस्तानी का खून बहा। बालात्कार, हत्या, लूट से देश तबाह कर दिया गया है। हजारों हजार लोग बेघर हो गए। भारत विरोधी इस दिवस को भाजपा कार्यकर्ता विभीषिका दिवस के रूप में मनाते हैं। इस मौके पर अजय कुमार दास, उगेंद्र मंडल, रामानंद चौधरी, रिपुसूदन स‍िंह, राजीव लोचन मिश्रा, मुकेश सिन्‍हा, पंकज घोष, दिगंबर यादव, सुनील चटर्जी, सत्यनारायण पंजियारा, निर्मल स‍िंह, आरके स‍िंह प्रमुख रुप से उपस्थित थे।

Edited By: Dilip Kumar Shukla