कोलकाता, राज्य ब्यूरो। शिक्षक नियुक्ति घोटाले को लेकर प्रेसिडेंसी जेल में बंद बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के पैर फूल गए हैं और और कमर में दर्द की भी शिकायत है। पार्थ की जांच के लिए शनिवार को एसएसकेएम अस्पताल से सात सदस्यीय मेडिकल टीम जेल गई। जेल के चिकित्सा विभाग के प्रमुख प्रणब घोष ने पूर्व मंत्री को देखने के बाद अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में उल्लेख किया था कि जेल में उनका पूरी तरह से इलाज संभव नहीं है। उन्होंने जेल अधीक्षक को भी रिपोर्ट दी थी।

जेल अधीक्षक ने जेसप भवन स्थित जेल कार्यालय को रिपोर्ट भेज दी थी। वह रिपोर्ट जेल अधिकारियों द्वारा राज्य सचिवालय भेजी गई। वहां से दक्षिण 24 परगना जिले के सीएमओएच को भेजी गई। रिपोर्ट मिलने के बाद शनिवार को सीएमओएच के निर्देश पर मेडिकल टीम प्रेसिडेंसी जेल गई। पार्थ को जेल में कैसे रखा जाए, टीम ने इस बारे में भी दिशानिर्देश दिए। पार्थ को जो शारीरिक समस्याएं हैं. उनका डाक्टरों ने रिपोर्ट में जिक्र करते हुए कहा है कि जेल में सभी समस्याओं का इलाज नहीं किया जा सकता है। गौरतलब है कि प्रेसिडेंसी जेल लाए जाने के बाद पार्थ के लिए पहली रात मुश्किल भरी थी। वह जमीन पर बैठ नहीं पा रहे थे। उस दिन के बाद से उनके पैर फूल गए थे और कमर में दर्द आ गया था। उसके बाद जेल के डाक्टरों की सलाह पर उन्हें सोने के लिए खाट दिया गया था। खाट मिलने के बाद उनकी स्थिति में थोड़ा सुधार हुई है लेकिन अब फिर जिस तरह से उनके पैर का सूजन बढ़ रहा है, उससे डाक्टर चिंतित हैं।

Edited By: Sumita Jaiswal