भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। हीराकुद जलभंडार के 34 गेट से निष्कासित किया जा रहा बाढ़ का पानी महानदी में पहुंचने के बाद अब ओडिशा की जीवन रेखा कही जाने वाली महानदी का जलस्तर भी खतरे के निशान को पार कर गया है।

महानदी का नराज में खतरे का निशान 26.41 मीटर है जबकि यहां पर महानदी 26.68 मीटर पर प्रवाहित हो रही है। यह जानकारी आज सुबह केन्द्रीय जल आयोग की तरफ से दी गई है।

जानकारी के मुताबिक हीराकुद जल भंडार के ऊपरी हिस्से में हुई भारी वर्षा के बाद जल भंडार के 34 गेट से बाढ़ का पानी निकाला जा रहा है। हीराकुद जल भंडार से छोड़ा गया बाढ़ का पानी एवं पिछले एक सप्ताह से लगातर हो रही वर्षा के कारण महानदी का जल स्तर खतरे के निशान के पार पहुंच गया है।

सुबह छह बजे तक खइरामल से 10 लाख 52 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है जबकि बरमूल से नौ लाख 79 हजार क्यूसेक पानी बह रहा है। इसी प्रकार कटक मुंडुली के माध्यम से महानदी में 8 लाख 57 हजार 915

क्यूसेक पानी, जोबरा बैराज से 3 लाख 89 हजार 41 क्यूसेक पानी और नराज होते हुए काठजोड़ी नदी में 4 लाख 23 हजार 237 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। हालांकि, अनुमान है कि आज शाम तक मुंडली बैरज से 10 लाख क्यूसेक पानी प्रवाहित होगा।

महानदी में मध्‍यम बाढ़ की आशंका

मुख्य सचिव सुरेश चन्द्र महापात्र ने कहा है कि महानदी में मध्यम बाढ़ आ सकती है। हीराकुद डैम से काफी पानी आ रहा है। इसका प्रबंधन किया जा रहा है। हमें आज मुंडली में 10.5 लाख क्यूसेक पानी गुजरने की उम्मीद है।

उन्होंने आगे कहा कि विभिन्न नदी तटों की निगरानी की जा रही है। जिलाधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। निचले इलाके में रहने वाले लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है ऐसे में निचले इलाके के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

सड़कों पर भरा पानी

कटक जिले के आठगड़ क्षेत्र में महानदी में आयी बाढ़ के कारण विभिन्न सड़कों पर पानी भर गया है। पुराने कटक-संबलपुर मार्ग पर दहिसारा मधपुर में 3 फीट पानी प्रवाहित हो रहा है। इसी तरह घंटीखाल निधिपुर किले में 3 फीट ऊंचा पानी बह रहा है और उत्तरबांकी प्रखंड के हुलुहुला पोल पर एक फीट से ज्यादा ऊंचा पानी बह रहा है।

सैकड़ों एकड़ खेत जलमग्न

उत्तराबांकी प्रखंड की 5 पंचायतों और तिगिरिया प्रखंड की 6 पंचायतों और आठग़ड़ प्रखंड के 20 गांवों के प्रभावित हुए हैं। सैकड़ों एकड़ खेत जलमग्न हो गए हैं। इसी तरह बांकी के कुछ हिस्सों में बाढ़ का पानी घुस

गयाहै। बांकी-बैदेश्वर मार्ग जलमग्न हो गया है। परिणाम स्वरूप कईमुंडी एवं शुखुआखोल गांव का संपर्क बाहरी दुनिया से कट गया है। महानदी का जलस्तर और बढ़ने की सम्भावना है ऐसे में डमपड़ा ब्लाक के बड़े हिस्से के जलमग्न होने की सम्भावना है।

Edited By: Babita Kashyap