यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 11, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पंजाब में अब विधायकों को भी वेतन का इंतजार, खुलकर बोल भी नहीं पा रहे MLA
पंजाब के खजाने पर बोझ के कारण वेतन देने में भी दिक्कत आ रही है। राज्य में पिछले माह कर्मचारियों ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब की खराब आर्थिक स्थिति का शिकार अब विधायकों को भी होना पड़ रहा है। पिछले माह सरकारी मुलाजिमों को वेतन के लिए इंतजार करना पड़ा था, जबकि इस बार विधायकों को ही वेतन का इंतजार करना पड़ रहा है। विधायकों की स्थिति यह है कि वह सामने आकर कुछ बोल भी नहीं पा रहे हैं। क्योंकि कहीं लोगों में यह संदेश न जाए कि विधायकों को अपने वेतन की चिंता है।
कांग्रेस के एक पूर्व मंत्री कहते हैं, आम आदमी पार्टी की जब से सरकार आई है तब से यह तीसरा या चौथा मौका है जब वेतन समय पर नहीं आया। सत्ता पक्ष के विधायक भी दबी जुबान में वेतन नहीं आने का रोना रो रहे हैं।
बता दें, विधायकों को प्रति माह 84,354 रुपये वेतन मिलता है। विधायकों को भी सरकारी मुलाजिमों के बाद वेतन मिलता है। आमतौर पर विधायकों को 5 तारीख के बीच वेतन मिल जाता था। कांग्रेस के एक विधायक बताते हैं, जब से आम आदमी पार्टी की सरकार आई है, वेतन मिलने में लगातार विलंब होता जा रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह भले ही चुनाव से पहले कहते हो कि खाली तो पीपा होता है, खजाना तो भरा होता है लेकिन हकीकत यह है कि सरकार मुलाजिमों को भी अब समय पर वेतन नहीं दे पा रही है। पिछले माह ही 7 तारीख को मुलाजिमों को वेतन मिला था।
अहम बात यह है कि विधायक वेतन मिलने में देरी होने का मुद्दा भी नहीं उठा पा रहे हैं। एक विधायक अपना नाम न छापने की शर्त पर कहते हैं, यहां पर अगर आप अपनी लड़ाई लड़ते हो तो आपको ही विलेन बना दिया जाएगा। लोगों को यह संदेश दिया जाएगा कि विधायक अपने वेतन की बात उठा रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि एक विधायक को भी वेतन की जरूरत होती है। उसके भी अपने खर्चे हैं।