नई दिल्ली [संतोष कुमार सिंह]। लक्खी शाह वणजारा की 444 वीं जयंती समारोह को लेकर सिख नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने शिरोमणि अकाली दल दिल्ली (सरना) के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना और जग आसरा गुरु ओट के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके पर इस आयोजन को लेकर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया है।

बदनाम करने के लिए लगा रहे बेबुनियाद आरोप

प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि दोनों नेता डीएसजीएमसी को बदनाम करने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। उनके कार्यकाल में भी इस तरह के कार्यक्रम होते थे। पहले भी दूसरी संस्थाओं के लोगों को गुरुद्वारा परिसर में ठहराया गया है। उन्होंने कहा कि बंजारा समाज प्रत्येक वर्ष लक्खी शाह वणजारा की जयंती मनाता है।

प्रचार प्रसार करना डीएसजीएमसी की जिम्मेदारी

इस बार उन्होंने 10 अगस्त को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में यह कार्यक्रम आयोजित किया और उनके आग्रह पर डीएसजीएमसी ने इसमें सहयोग दिया है, क्योंकि भाई लक्खी शाह ने अपने घर को आग लगाकर गुरु तेग बहादुर जी के पवित्र शरीर का अंतिम संस्कार किया था । उनके परिवार ने पंथ के लिए बलिदान दिया है। इनका प्रचार प्रसार करना डीएसजीएमसी की जिम्मेदारी है।

उठ रही आपत्तियों पर किया सवाल

उन्होंने कहा कि जीके के कार्यकाल में बंदा सिंह बहादुर का इतिहास नाटक के रूप में दिखाया गया था। अब वह भाई लक्खी शाह के इतिहास को इस तरह दिखाने पर आपत्ति जता रहे हैं। श्री अकाल तख्त का स्पष्ट आदेश है कि गुरु साहिब व उनके स्वजनों को छोड़कर अन्य लोगों के इतिहास को नाटक के रूप में दिखाया जा सकता है, जिससे कि सिख पंथ का प्रचार हो सके। कार्यक्रम में शामिल होने वाले कई लोग गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब परिसर में ठहरे थे और उन्हें गुरुघर व सिख मर्यादा के बारे में जागरूक किया गया था।

Edited By: Prateek Kumar