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दो दिन की बारिश में NCR में 9 मौतें, सिस्टम की लापरवाही से बच्चे, इंजीनियर और मजदूर की गई जान; चौंकाने वाली रिपोर्ट

Published: Sat, 11 Jul 2026 05:29 PM (GMT+05:30)

बारिश ने एनसीआर में सरकारी सिस्टम की लापरवाही उजागर कर दी, जिससे दो दिनों में 10 लोगों की मौत हो ...और पढ़ें

वर्षा के दौरान दिल्ली के सदर बाजार में हुआ जलभराव। जागरण आर्काइव

वर्षा के दौरान दिल्ली के सदर बाजार में हुआ जलभराव। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. एनसीआर में दो दिन की बारिश में 10 लोगों की मौत।

  2. सरकारी सिस्टम की लापरवाही के शिकार हुए आमजन।

  3. खुले नाले, जलभराव और करंट से हुई ये दर्दनाक मौतें।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मानसून की एक ही झमाझम बरसात ने सरकारी सिस्टम की लापरवाही की पोल खोल दी और एनसीआर के विभिन्न शहरों में इंजीनियर सहित तीन लोगों को अपनी जान गंवाकर इस लापरवाही की कीमत चुकानी पड़ी, जबकि एक बच्चा गंभीर है। इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया। इससे पूर्व गुरुवार को भी सरकारी तंत्र की नाकामी से एनसीआर में छह लोगों की मौत हो चुकी है। इस तरह दो दिन की बारिश में सिस्टम के लचर रवैये ने दस लोगों की जान ले ली।

कहां-कहां हुई जानलेवा घटना?

गुरुवार सुबह नोएडा के सेक्टर-58 ए में जलभराव के बीच सड़क किनारे नाले की स्लैब पर पैदल ही फैक्ट्री जा रहे इंजीनियर आर्यन को पहले बिजली के खंभे से करंट लगा, फिर वह तीन फीट गहरे नाले में गिरकर जान गंवा बैठे।

गाजियाबाद के लोनी स्थित मिलक गांव में झुग्गी से लापता हुए छह वर्ष के बच्चे का पानी से भरे छह फीट गहरे गड्ढे में शव उफनाता मिला।

हापुड़ नगर कोतवाली क्षेत्र के मेरठ रोड स्थित फ्लाईओवर के नीचे रेलवे लाइन के पास गड्ढों में जमा वर्षा के पानी में भी एक व्यक्ति का शव मिला।

वहीं, फरीदाबाद के बल्लभगढ़ के सेक्टर-62 स्थित आशियाना काॅलोनी में शुक्रवार सुबह हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मैदान में भरे वर्षा के पानी में नहाने उतरा आठ वर्षीय छात्र डूब गया। उसकी हालत गंभीर है।

घटना के बाद भी नहीं जागे जिम्मेदार

फर्रुखाबाद निवासी 26 वर्षीय आर्यन नोएडा सेक्टर 58 ए में इनवर्टर बनाने वाली लेंतो इंडस्ट्रीज नाम की फैक्ट्री में क्वालिटी इंजीनियर थे और सेक्टर-22 स्थित चौड़ा गांव में रहते थे। वह पैदल ही फैक्ट्री जा रहे थे और जलभराव के कारण नाले पर पड़ी स्लैब पर चलने लगे।

इस बीच नाले से सटे बिजली के खंभे में स्पार्किंग हुई और करंट लगने के बाद आगे नाले पर स्लैब नहीं होने से वह नाले में गिरकर जान गंवा बैठे। आर्यन के स्वजन ने नोएडा प्राधिकरण और विद्युत निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सेक्टर-58 थाने में शिकायत दी है।

घटना के बाद भी प्राधिकरण ने नाले को ठीक से नहीं ढका, बल्कि महज झाड़ियां रख दीं। प्राधिकरण वर्क सर्किल-5 के वरिष्ठ प्रबंधक राजकरण का कहना है कि वह तीन फीट गहरी नाली है। टेंडर निकालकर स्लैब से ढकवाया जाएगा।

विद्युत निगम के मुख्य अभियंता एसके जैन ने कहा कि करंट से इंजीनियर की मौत की कोई सूचना नहीं है। एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है, विसरा प्रिजर्व कर लिया गया है।

रेलवे लाइन के पास जमा था पानी

वहीं, जान गंवाने वाले लोनी के मिलक गांव निवासी छह वर्षीय पोलू के पिता सतीश मिलक ने बताया कि वह नौ जून शाम से लापता था। एसीपी अंकुर विहार अमरदीप मौर्या ने बताया कि बच्चे की लापता होने की सूचना के बाद तलाश चल रही थी, तभी वर्षा के पानी से भरे छह फीट गहरे गड्ढे में बच्चे का शव मिला। इसके अलावा हापुड़ नगर कोतवाली क्षेत्र के मेरठ रोड स्थित फ्लाईओवर के नीचे रेलवे लाइन के पास गड्ढे में भरे वर्षा के पानी में कामगार 48 वर्षीय बसंत पासवान का शव मिला। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वह शराब पीने का आदी था।

आठ साल के बच्चे की मौत

उधर, फरीदाबाद के बल्लभगढ़ के सेक्टर-62 स्थित आशियाना कालोनी में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मैदान में भरे वर्षा के पानी में नहाने उतरे चौथी कक्षा का आठ वर्षीय छात्र डूब गया था। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। गांव शाहपुरा के सरकारी स्कूल की प्राइमरी शाखा के शिक्षक उपकार ने बताया कि रेहान कुछ बच्चों के साथ स्कूल परिसर से बाहर निकल गया था।

हाईवे पर गड्ढे में गिरने से हो गई थी मौत

उधर, सोनीपत के एनएच-44 पर बहालगढ़ में ब्लैकस्पाॅट पर फुट ओवरब्रिज (एफओबी) बनाने के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में भरे पानी में गिरकर युवक की मौत के मामले में पुलिस ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के प्रोजेक्ट मैनेजर पर केस दर्ज किया है।

पुलिस इससे पहले हाईवे पर कट खुले होने से हादसा होने की स्थिति में एनएचएआई के अधिकारियों पर केस दर्ज करने की चेतावनी दे चुका है। घटनास्थल पर और हादसे न हों, इसके लिए शुक्रवार को एनएचएआई ने गड्ढे के आसपास सही तरीके से बैरिकेडिंग करते हुए सुरक्षा के उपाय किए हैं।

एफओबी बनाने के लिए गड्ढा खोदा

बहालगढ़ गांव के सरपंच राजेश स्वामी ने बहालगढ़ थाने में शिकायत दी कि एनएच-44 पर बहालगढ़ फ्लाईओवर के पास रोजाना हजारों लोग हाईवे को पैदल पार करते हैं। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों की टक्कर से हादसे भी होते हैं। यहां पर दिसंबर, 2025 से ब्लैकस्पाॅट है। एनएचएआई ने यहां पर 15 दिन पहले काम शुरू कर एफओबी बनाने के लिए गड्ढा खोद दिया था, जिसमें वर्षा का पानी भर गया था।

प्रोजेक्ट मैनेजर पर केस दर्ज

निर्माण एजेंसी ने गड्ढे के पास सही तरीके से बैरिकेडिंग नहीं की और न ही वहां पर कोई संकेतक लगाया। विगत मंगलवार की शाम को लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि गड्ढे में युवक का शव पड़ा है। पुलिस ने शव को बाहर निकाला। बृहस्पतिवार को युवक के पोस्टमार्टम में पानी में डूबने से मौत की पुष्टि के बाद पुलिस ने एनएचएआई की लापरवाही को मौत के लिए जिम्मेदार मानते हुए प्रोजेक्ट मैनेजर पर केस दर्ज कर लिया।

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