नई दिल्ली, प्रेट्र। फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने इंटरनेट प्लेटफॉर्म द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए शुक्रवार को कहा कि इन कदमों ने यूरोपीय यूनियन, भारत और इंडोनेशिया समेत दुनियाभर में 200 से ज्यादा विभिन्न चुनावों की प्रामाणिकता की रक्षा करने में कंपनी की मदद की। अगले हफ्ते अमेरिका में होने वाले चुनावों से पहले ये कदम प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग रोकने में काफी अहम रहे हैं।

जुकरबर्ग ने कहा- फेसबुक लोकतांत्रिक प्रक्रिया की प्रामाणिकता बचाने की लड़ाई जारी रखेगी

जुकरबर्ग ने कहा कि अगला हफ्ता फेसबुक के लिए निश्चित रूप से एक परीक्षा की तरह होगा और कंपनी लोकतांत्रिक प्रक्रिया की प्रामाणिकता बचाने की लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी ने मतदाता के दमन जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया है और इस मामले में नागरिक अधिकार नेताओं समेत विशेषज्ञों के साथ करीब से काम किया है।

फेसबुक में फेक अकाउंट्स के जरिये गलत सूचना और विद्वेष फैलाने की कोशिश की गई: जुकरबर्ग

उन्होंने बताया कि चार साल पहले फेसबुक की सुरक्षा टीम हैकिंग जैसे पारंपरिक खतरे पर ध्यान केंद्रित कर रही थी, लेकिन आखिरकार उसने जो पाया वो कोऑर्डिनेटेड इंटरफिरेंस कैंपेन जैसी नई चीज थी। इसमें फेक अकाउंट्स के जरिये गलत सूचना और विद्वेष फैलाने की कोशिश की गई।

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