अब जोमैटो से खाना मंगाना और भी महंगा! हर ऑर्डर पर देने पड़ेंगे इतने रुपये एक्स्ट्रा, मगर क्यों?
ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म ज़ोमैटो ने कैश ऑन डिलीवरी (सीओडी) का विकल्प चुनने वाले ग्राहकों से 5 से 20 रुपये तक का अतिरिक्त शुल्क लेना शुरू कर दिया है

ग्राहकों से पांच से 20 रुपये तक का अतिरिक्त शुल्क लेना शुरू

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ने कैश ऑन डिलीवरी (सीओडी) का विकल्प चुनने वाले ग्राहकों से पांच से 20 रुपये तक का अतिरिक्त शुल्क लेना शुरू कर दिया है।
एप के बिल में अलग से दिखाई देने वाला कैश ऑन डिलीवरी शुल्क उन ऑर्डरों पर लगाया जाता है, जिनमें ग्राहक डिलीवरी के समय नकद भुगतान का विकल्प चुनते हैं।
एप के स्क्रीनशॉट से पता चलता है कि यह शुल्क आमतौर पर पांच रुपये है, हालांकि कई रिपोर्टों के अनुसार, कुछ मामलों में यूजर्स से सात रुपये या 20 रुपये तक का बिल लिया गया है।
यह शुल्क जोमैटो के प्लेटफॉर्म शुल्क, रेस्तरां पैकेजिंग शुल्क और जीएसटी से अलग है, जबकि ऑनलाइन भुगतान करने वाले ग्राहकों से कैश ऑन डिलीवरी शुल्क नहीं लिया जाता है।
पीटीआई के अनुसार, शुल्क निर्धारित करने का सटीक आधार और क्या यह ऑर्डर मूल्य, स्थान या अन्य मापदंडों जैसे कारकों से जुड़ा है, इसका तुरंत पता नहीं लगाया जा सका। इस घटनाक्रम पर जोमैटो से टिप्पणी मांगने के लिए भेजे गए ईमेल का खबर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं मिला।
जोमैटो प्रतिदिन 23 से 25 लाख आर्डर को पूरा करता है, जबकि नए प्लेटफॉर्म अपनी उपस्थिति बढ़ा रहे हैं, जिनमें रैपिडो का ओनली लोकप्रियता हासिल कर रहा है और फ्लिपकार्ट अपनी ईट-इन का परीक्षण कर रहा है।
जोमैटो के मुख्य प्रतिद्वंद्वी स्विगी ने अभी तक ऐसा कोई शुल्क लागू नहीं किया है, लेकिन यह देखना बाकी है कि क्या कंपनी ऐसा करने की योजना बना रही है।
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