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जेप्टो, बुक माय शो और इंडिगो समेत 9 एप्स पर लगा 20 लाख रुपये का जुर्माना; डार्क पैटर्न इस्तेमाल करने का आरोप

Published: Thu, 06 Aug 2026 01:06 PM (IST)

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने जेप्टो, बुक माय शो और इंडिगो सहित नौ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 'डार्क पैटर्न' का ...और पढ़ें

जेप्टो बुक माय शो और इंडिगो से वसूला गया जुर्माना।

जेप्टो बुक माय शो और इंडिगो से वसूला गया जुर्माना।

HighLights

  1. CCPA ने 9 ऐप्स पर डार्क पैटर्न के लिए जुर्माना लगाया।

  2. जेप्टो, बुक माय शो, इंडिगो प्रमुख ऐप्स में शामिल।

  3. कुल 20 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आप ऑनलाइन किराने का सामान इसलिए मंगाते हैं क्योंकि आप इतने थक गए होते हैं कि बाजार नहीं जा सकते। आप परिवार के लिए फिल्म के टिकट खरीदते हैं या फिर आप किसी ऑनलाइन कोर्स के लिए साइन अप करते हैं तो स्क्रीन पर जो कीमत दिखती है, वह ठीक-ठाक लगती है लेकिन पेमेंट करने से ठीक पहले बिल बदल जाता है।

एक हैंडलिंग फीस जुड़ जाती है। एक मेंबरशिप भी जुड़ जाती है। एक छोटा सा डोनेशन पहले से ही टिक किया हुआ होता है। अचानक कोई एक्स्ट्रा सर्विस या सब्सक्रिप्शन भी दिखाई देने लगता है। शुरू में ये रकम छोटी लग सकती है लेकिन दर्जनों ऑनलाइन ट्रांजैक्शन में ये धीरे-धीरे काफी बढ़ सकती है। सरकार अब ऐसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही है।

डार्क पैटर्न इस्तेमाल करने पर 9 एप्स पर लगा जुर्माना

सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने नौ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डार्क पैटर्न का इस्तेमाल करने के लिए जुर्माना लगाया है। ये ऐसे वेबसाइट और एप डिजाइन होते हैं जो यूजर्स को ऐसे फैसले लेने के लिए बहका सकते हैं जो वे शायद लेना नहीं चाहते थे। सरकार ने राज्यसभा को इस कार्रवाई के बारे में जानकारी दी है।

और इस लिस्ट में कुछ बहुत जाने-पहचाने नाम शामिल हैं। जैसे जेप्टो, बुक माय शो, इंडिगो और फिजिक्स वाला।

ये एप्स कैसे करते थे खेला?

अब उदारण के लिए जेप्टो को लेते हैं। सीसीपीए ने पाया कि ग्राहकों को शुरू में जो कीमतें दिखाई जाती थीं उन्हें बाद में हैंडलिंग चार्ज और मेंबरशिप फीस के जरिए बढ़ा दिया जाता था। रेगुलेटर ने हैंडलिंग चार्ज को ड्रिप प्राइसिंग माना जिसमें शुरुआती कीमत से यह पता नहीं चलता कि ग्राहक को आखिर में कितनी रकम चुकानी होगी।

मेंबरशिप का अपने-आप जुड़ जाना बास्केट स्नीकिंग माना गया। Zepto पर 7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया और तब से उसने रेगुलेटर द्वारा बताई गई इस प्रैक्टिस को बंद कर दिया है। एक ग्राहक के लिए निराशा की वजह साफ है। आपको लगता है कि आप एक रकम चुका रहे हैं। आप पेमेंट पेज पर पहुंचते हैं और कोई दूसरी रकम देखते हैं।

इसी तरह, BookMyShow पर भी एक जानी-पहचानी ऑनलाइन आदत के लिए कार्रवाई की गई। मूवी-टिकट प्लेटफॉर्म को अपने BookASmile चैरिटी इनिशिएटिव के लिए पहले से टिक किए गए 1 रुपये के योगदान को हटाने का निर्देश दिया गया।

समस्या 1 रुपये की नहीं थी। समस्या यह थी कि योगदान पहले से ही चुना हुआ था यानी ग्राहक को उस पर ध्यान देना था और उसे हटाना था। सीसीपीए ने इसे बास्केट स्नीकिंग माना। चार टिकट बुक करने वाले व्यक्ति के लिए 1 रुपया मामूली लग सकता है लेकिन ठीक इसी वजह से ऐसी छोटी-छोटी चीजें ध्यान से छूट सकती हैं।

इस बीच, IndiGo को कन्फर्म शेमिंग नाम की एक अलग तरकीब के लिए फटकार लगाई गई। एयरलाइन के एप में एक ऑप्ट-आउट मैसेज था जिसमें लिखा था, "नहीं, मैं रिस्क लूंगा।"

रेगुलेटर के दखल के बाद इसे ज्यादा न्यूट्रल शब्दों से बदल दिया गया, "नहीं, मैं ट्रिप में कुछ नहीं जोड़ूंगा।" यह फर्क छोटा लग सकता है लेकिन डार्क पैटर्न के पीछे का मकसद यही है। डिजाइन ऐसा नहीं होना चाहिए कि ग्राहक किसी अतिरिक्त खरीदारी को ठुकराने पर दोषी, दबाव में या बेवकूफ महसूस करे।

इनके अलावा, एजुकेशन प्लेटफॉर्म Physics Wallah पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, क्योंकि सीसीपीए ने पाया कि उसके PW फाउंडेशन को 10 रुपये का दान अपने-आप पहले से चुना हुआ था।

रेगुलेटर ने ऐसे इमोशनल मैसेजिंग पर भी आपत्ति जताई जो ग्राहकों को दान का विकल्प चुने रहने के लिए प्रोत्साहित करते थे। सीसीपीए ने ऐसे मामलों की भी पहचान की जहां मुफ्त कोर्स का एक्सेस पाने से पहले यूजर्स को निजी जानकारी शेयर करनी पड़ती थी।

सरकार के अनुसार, Physics Wallah ने जुर्माना भर दिया और डार्क पैटर्न के तौर पर पहचानी गई प्रैक्टिस को बंद कर दिया।

9 प्लेफॉर्म और 20 लाख का जुर्माना

यह कार्रवाई सिर्फ इन चार कंपनियों तक ही सीमित नहीं है। सीसीपीए ने FirstCry, PharmEasy, McAfee, SpiceJet और कोचिंग प्लेटफॉर्म Anuj Jindal पर भी जुर्माना लगाया।

इन कंपनियों पर 1 लाख रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया गया। जिन गलत तरीकों पर सवाल उठाए गए उनमें छिपे हुए चार्ज, जबरदस्ती सब्सक्रिप्शन लेना, गुमराह करने वाले काउंटडाउन टाइमर और सब्सक्रिप्शन रिन्यूअल के लिए चालाकी भरे प्रॉम्प्ट शामिल थे।

कुल मिलाकर सरकार ने कहा है कि जब से डार्क-पैटर्न गाइडलाइंस को लागू करने की कोशिशें शुरू हुई हैं तब से कंज्यूमर रेगुलेटर ने इन नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों से लगभग 20 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है।

यह बताना जरूरी है कि भारत की डार्क पैटर्न्स की रोकथाम और रेगुलेशन के लिए गाइडलाइंस, 2023 में 13 तरह के धोखेबाज इंटरफेस डिजाइन की पहचान की गई है। इनमें झूठी अर्जेंसी (जल्दबाजी दिखाना), बास्केट स्नीकिंग, सब्सक्रिप्शन ट्रैप, ड्रिप प्राइसिंग, कन्फर्म शेमिंग और ट्रिक वाले सवाल शामिल हैं।

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