नई दिल्ली। 1973 में जन्मा यासीन मूल रूप से कर्नाटक के एक तटीय गांव भटकल का रहने वाला है। उसकी शुरुआती शिक्षा अंजुमन हमी-ए-मुसलीमीन नाम के मदरसे में हुई थी। अस्सी के दशक की शुरुआत में वह पुणे आ गया था। बाद में यासीन कुख्यात- रियाज और इकबाल भटकल के संपर्क में आया। इन्होंने ही इंडियन मुजाहिदीन की नींव रखी थी। यहीं से उसका आतंकी बनने का सफर भी शुरू हुआ। बाद में वह बिहार भी गया। यासीन कभी दरभंगा में हकीम का काम करता था। बाद में उसने दरभंगा के आतंकी कातिल सिद्दकी की बेटी से शादी भी कर ली।

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कई मामलों में थी यासीन भटकल की तलाश :-

- मुंबई के 13/7/2010 और पुणे के जर्मन बेकरी ब्लास्ट में जिस यासीन भटकल की देश भर की जांच एजेंसियों को तलाश है।

गिरफ्त में आया देश का दुश्मन

- बिहार के बोधगया में महोबोधि मंदिर परिसर में नौ बम धमाकों के बाद अंदेशा जताया जा रहा है कि इसके पीछे इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) का हाथ है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में 12 आतंकवादियों की तस्वीरें जारी की हैं. इनमें आईएम संस्थापकों में से एक यासीन भटकल भी है। इसमें यासीन भटकल भी शामिल है।

- 12 राज्यों की आतंक निरोधक एजेंसियों द्वारा यासीन के खिलाफ दायर आरोप पत्रों के मुताबिक वह 2008 से हुए कम से कम 10 बम धमाकों में प्रमुख मास्टरमाइंड रहा है।

- वर्ष 2008 में अहमदाबाद में हुए धमाके, वर्ष 2008 में सूरत में हुए धमाके,

- वर्ष 2008 में जयपुर में हुए धमाके

- वर्ष 2010 में बनारस के दशाश्वमेध घाट में हुए धमाके

- वर्ष 2010 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुए धमाके

- वर्ष 2010 में पुणे के जर्मन बेकरी में हुए धमाके

- वर्ष 2011 में मुंबई में हुए धमाके

- वर्ष 2013 में बेंगलुरू में हुए बम धमाके

- वर्ष 2013 में हैदराबाद में हुए बम धमाके

खुफिया एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने में रहा कामयाब :-

- वर्ष 2008 में कोलकाता पुलिस ने उसे फर्जी नोटों के एक मामले में हिरासत में लिया था। उस वक्त उसकी असली पहचान के बारे में पुलिस को पता नहीं था। उस वक्त इसको शाहरुख के नाम से ही पहचाना गया था। लेकिन वह वहां से बच निकलने में कामयाब रहा।

3 अक्टूबर को जब मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम 3 अक्टूबर, 2008 को कर्नाटक के भटकल गांव गई थी, तब इंडियन मुजाहिदीन के चार महत्वपूर्ण सदस्य चकमा देकर भटकल गांव से भाग लिए थे। इनमें इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापक रियाज व इकबाल भटकल तो थे ही, इंडियन मुजाहिदीन की मीडिया विंग का प्रमुख सदस्य मोहसिन चौधरी व यासीन भटकल भी था।

- वर्ष 2011 में चेन्नई में खुफिया अधिकारियों को चकमा देकर बच निकलने में कामयाब रहा था।

बेहद चालाक है यासीन :-

- एक ठिकाने का बेहद कम समय तक उपयोग करना।

- ज्यादा हाईटैक नहीं है और न ही तकनीक का ज्यादा इस्तेमाल करना पसंद करता है। इसलिए ईमेल जैसी कई चीजों को वह नहीं करता।

- भेष बदलने में माहिर।

- ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में गुजारा करता है और मोबाइल में एक सिम का उपयोग केवल एक या दो बार ही करके उसको नष्ट कर देता है।

- अपने करीबियों से भी अपनी पहचान छिपाकर रखने का आदी।

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