पहाड़ों पर आफत की बारिश: भूस्खलन से दो दिन बाद भी नहीं खुला यमुनोत्री राजमार्ग, हिमाचल में 210 सड़कें बंद
भूस्खलन का मलबा यमुना नदी में जाने से एक बार फिर झील बनने लगी है। नदी का पानी किनारे स्थित ...और पढ़ें

भूस्खलन से दो दिन बाद भी नहीं खुला यमुनोत्री राजमार्ग
HighLights
तेज बारिश से शेषनाग व लिद्दर नालों का जलस्तर बढ़ा, श्रीअमरनाथ यात्रा पर कोई असर नहीं
हिमाचल में करीब 210 सड़कें बंद, शिमला, सिरमौर व कुल्लू जिले में कई स्थानों पर भूस्खलन
जागरण टीम, नई दिल्ली। उत्तराखंड, हिमाचल व जम्मू कश्मीर के पर्वतीय क्षेत्रों में शनिवार को भी वर्षा का क्रम जारी है। पहाड़ों में भूस्खलन से जहां उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी में यमुनोत्री राजमार्ग करीब सौ मीटर ध्वस्त हो गया है। दो दिन बाद भी राजमार्ग नहीं खुल पाया है।
वैकल्पिक मार्ग बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। भूस्खलन का मलबा यमुना नदी में जाने से एक बार फिर झील बनने लगी है। नदी का पानी किनारे स्थित कई होटल, होमस्टे और आवासीय भवनों के भूतल तक पहुंच गया है। वहीं, हिमाचल के शिमला, सिरमौर और कुल्लू जिले में कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।
प्रदेशभर में करीब 210 सड़कें बंद हैं जिन्हें खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने भूस्खलन प्रभावित स्यानाचट्टी का निरीक्षण कर सुरक्षा का जायजा लिया। सिंचाई विभाग को यमुना नदी से मलबा हटाने के साथ चैनलाइजेशन कार्य में तेजी लाने को कहा गया है।
रुद्रप्रयाग में बदरीनाथ और पिथौरागढ़ में चीन सीमा को जोड़ने वाला लिपुलेख राजमार्ग मलबा आने से बाधित रहा। दोपहर बाद दोनों मार्गों में यातायात सामान्य हो सका। राज्य में 110 से अधिक संपर्क मार्ग मलबा आने से अवरुद्ध हैं।
पहलगाम में बादल फटने से अचानक बाढ़, कई होटल और घर प्रभावित
अनंतनाग जिले के पहलगाम और आसपास के ऊपरी क्षेत्रों में शनिवार शाम बादल फटने के बाद अचानक आई बाढ़ से जनजीवन प्रभावित हो गया। बाढ़ के कारण क्षेत्र के कम से कम आधा दर्जन होटल व घर प्रभावित हुए।
एहतियात के तौर पर होटलों में ठहरे पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थित अन्य होटलों में स्थानांतरित किया गया। प्रशासन के अनुसार, अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं निगरानी अभियान जारी है। हालांकि इससे श्रीअमरनाथ यात्रा पर कोई असर नहीं हुआ है।
जानकारी के अनुसार, पहलगाम के आवूरा और देहवाथू के वन क्षेत्र में शाम अचानक मूसलाधार बारिश हुई, जिसे स्थानीय स्तर पर बादल फटने की घटना माना जा रहा है। इसके चलते आवूरा नाले में अचानक बाढ़ आ गई। यह नाला आगे चलकर बटकूट में लिद्दर नाले से मिलता है।
बाढ़ के दौरान कुछ स्थानों पर दीवारें गिरने और अन्य संरचनात्मक क्षति की भी सूचना मिली है। इसके अलावा कई घरों में भी पानी घुस गया, जिससे लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
मौसम विभाग के अनुसार, शाम करीब छह बजे से रात साढ़े नौ बजे तक क्षेत्र में लगातार भारी बारिश होती रही। रात आठ बजे से नौ बजे के बीच अचानक आई बाढ़ ने स्थिति को गंभीर बना दिया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोनों नालों का जलस्तर फिलहाल निर्धारित चेतावनी स्तर से नीचे है। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे नालों और नदियों के किनारों से दूर रहें।
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