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शी चिनफिंग ने 'ग्रेटर ब्रिक्स' का रखा प्रस्ताव, अमेरिका और यूरोप पर बिना नाम लिए कसा तंज

Published: Sun, 13 Sep 2026 07:40 PM (IST)

चिनफिंग ने 'ग्रेटर ब्रिक्स' का प्रस्ताव रखा और अमेरिका व पश्चिमी देशों पर निशाना साधते हुए, 'जिसकी लाठी, उसकी भैंस' के सिद्धांत को अमान्य बताया।

चिनफिंग का ग्रेटर ब्रिक्स प्रस्ताव (फोटो- ANI)

चिनफिंग का ग्रेटर ब्रिक्स प्रस्ताव (फोटो- ANI)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति चिनफिंग ने ‘ग्रेटर ब्रिक्स’ का प्रस्ताव रखा है। चिनफिंग ने अमेरिका और पश्चिमी देशों पर बिना नाम लिए निशाना साधते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में 'जिसकी लाठी, उसकी भैंस' का सिद्धांत अब मान्य नहीं है और सभी देशों को संप्रभु समानता मिलनी चाहिए।

ब्रिक्स देशों को संबोधित करते हुए चिनफिंग ने 'ताकत ही सही है' वाली विचारधारा की निंदा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश का आकार, शक्ति या आर्थिक स्थिति चाहे जो भी हो, वैश्विक समुदाय में सभी देशों को समान दर्जा मिलना चाहिए।

इसके साथ ही चिनपिंग ने ग्लोबल साउथ को एकजुट करने और ब्रिक्स सहयोग को मजबूत करने के लिए एआई (AI) ओपन-सोर्स कम्युनिटी, डिजिटल इकोसिस्टम और इंजीनियर ट्रेनिंग एलायंस समेत 5 प्रमुख वैश्विक पहलों की घोषणा की।

जोखिमों और चुनौतियों से भरा है अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य

चिनफिंग ने कहा, "ग्लोबल साउथ अपने सामूहिक उदय के साथ विश्व बहुध्रुवीयता का एक प्रमुख चालक बन गया है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य अस्थिर है और जोखिमों और चुनौतियों से भरा हुआ है। विश्व में स्थिरता लाने और इसे एक बेहतर स्थान बनाने के लिए, ब्रिक्स देशों को ऐतिहासिक पहल को अपनाना होगा, वैश्विक दक्षिण को एकजुट करना होगा, अंतरराष्ट्रीय मामलों में एक सक्रिय, स्थिर और सकारात्मक शक्ति बनना होगा और समस्त मानवता के कल्याण को आगे बढ़ाना होगा।

चिनफिंग ने जोर देकर कहा, "ताकत ही सत्य है का सिद्धांत यहां मान्य नहीं होगा और इसे बहुत पहले ही त्याग दिया जाना चाहिए था। वैश्विक दक्षिण देशों को संयुक्त रूप से अंतरराष्ट्रीय मामलों में कानून के शासन की रक्षा करनी चाहिए, संप्रभु समानता, आंतरिक मामलों में गैर-हस्तक्षेप और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान सहित अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी मानदंडों की रक्षा करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय नियम सभी पर बिना किसी दोहरे मापदंड के लागू हों।"

चिनफिंग ने की 5 प्रमुख पहलों की घोषणा

चिनफिंग ने ब्रिक्स देशों के बीच तकनीकी और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए 5 मुख्य पहलों की घोषणा की। इसके तहत चीन 'ब्रिक्स एआई ओपन-सोर्स समुदाय' की स्थापना का नेतृत्व करते हुए बड़े भाषा मॉडलों (LLMs) के विकास, एआई प्रशिक्षण और खुले पारिस्थितिकी तंत्र (Open Ecosystem) के निर्माण में सहायता करेगा।

इसके अलावा, व्यापार और औद्योगिक समन्वय को सुगम बनाने के लिए 'ब्रिक्स विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) साझेदारी' और डिजिटल कौशल विकास के लिए 'ब्रिक्स डिजिटल इकोसिस्टम क्लाउड प्लेटफॉर्म' की स्थापना का प्रस्ताव दिया गया।

साथ ही, चीन ब्रिक्स देशों में विनिर्माण (Manufacturing) को आधुनिक बनाने के लिए स्मार्ट फैक्ट्रियों के निर्माण में मदद करेगा और इंजीनियरों की योग्यता को वैश्विक पहचान दिलाने व संयुक्त विकास के लिए 'ब्रिक्स इंजीनियर प्रशिक्षण गठबंधन' का गठन करेगा।

 

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