नई दिल्ली/इंदौर, जेएनएन। देश में कोरोना की दूसरी लहर से गहराए संकट के बीच महाराष्ट्र गुजरात समेत कई राज्‍यों से बड़ी संख्या में कामगार उत्तर प्रदेश और बिहार लौट रहे हैं। उत्तर प्रदेश में कई रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। यही नहीं महाराष्ट्र से सटे मध्य प्रदेश के इलाकों से लोगों के सड़क मार्ग से भी लौटने की खबरें हैं। लोगों का कहना है कि ट्रेनें भरी होने के चलते श्रमिक वाहनों से घर लौट रहे हैं। आइये जानते हैं इसके पीछे की वजहें...

निजी वाहनों से लौटने को मजबूर 

मध्‍य प्रदेश से होकर गुजरने वाले सड़क मार्ग पर कामगार ऑटो, टैक्सी, कार या अन्य लोडिंग वाहनों में सवार होकर अपने राज्यों को जाते दिखाई दे रहे हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने महाराष्ट्र की बसों के प्रवेश पर पाबंदी लगा रखी है। ट्रेनों में भारी भीड़ है इसलिए कामगार निजी ऑटो या किराये के वाहनों से लौटने को मजबूर हैं। 

सड़क मार्ग से लौट रहे घर

शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे मुंबई-आगरा हाईवे पर तिरपाल से ढंके लोडिंग टेम्पो में 16 युवक बैठे थे। उन्होंने बताया कि पुणे से उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर और सिद्धार्थ नगर तक का 1650 किलोमीटर का लंबा सफर कर रहे हैं। टैक्सी का टायर बदलवा रहे सतीश मिश्रा ने बताया कि मुंबई गए थे। दो माह में ही वापस जाना पड़ रहा है।

ट्रेनों में जगह नहीं

महाराष्ट्र और कर्नाटक की ओर से लौट रही ट्रेनें भरी आ रही हैं। शनिवार को मुंबई से फिरोजपुर जा रही पंजाब मेल, मुंबई से गोरखपुर जा रही कुशीनगर एक्सप्रेस, पुणे से जम्मू तवी जा रही झेलम एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों में यही स्थिति नजर आई। बिहार के दानापुर जा रहे युवक शेखर यादव ने कहा कि काम की तलाश में बेंगलुरू गए थे लेकिन अब लौट रहे हैं।

बड़ी संख्‍या में लौट रहे घर

मायानगरी मुंबई से आने वाली ट्रेनें इन फुल हैं। आंकड़े बताते हैं कि पहली से 30 मार्च तक प्रयागराज जंक्शन से 16,000 यात्री महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में गए लेकिन लौटने वालों का आंकड़ा 24,000 रहा। प्रयागराज छिवकी स्टेशन से जाने वाले यात्रियों की संख्या मार्च में 8,500 थी और वापस लौटने वालों की 15 हजार है। प्रयागराज जंक्शन लौटे समाधगंज जौनपुर के लालबहादुर ने शनिवार को बताया कि कामकाज ठप था। ऐसे में घर लौटना ही मुनासिब समझा।

यह है वजहें

महानगरों से कामगारों की वापसी के पीछे कई वजहें हैं। कहा जा रहा है कि कोरोना और लॉकडाउन के थोड़े डर के अलावा उत्तर प्रदेश का पंचायत चुनाव भी एक बड़ा कारण है। चूंकि इस सीजन में स्कूल बंद हो जाते हैं और गांवों में गेहू, सरसों आदि फसलों की कटाई चल रही होती है। इसलिए अधिकांश कामगार इस सीजन में घर वापसी करते हैं। यही नहीं घरों और रिश्‍तेदारों के यहां शादी-विवाह भी एक बड़ी वजह होती है।

इस सीजन में कामगार घर लौटते हैं वापस

जालंधर के उद्योग नगर मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन, गदईपुर के अध्यक्ष तेजेंद्र सिंह भसीन कहते हैं कि हर साल होली के बाद श्रमिक उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल आदि राज्यों को जाते ही हैं। उत्तर प्रदेश के रमाकांत सहाय कहते हैं कि कुछ ही दिनों में उनके गांव में चुनाव होने हैं। संदेश आ रहे थे कि वोट डालने के लिए हर हाल में पहुंचें इसलिए घर वापसी कर रहे हैं।

Edited By: Krishna Bihari Singh