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2029 से ही लागू होगा महिला आरक्षण... बजट सत्र में सरकार लाएगी संशोधन बिल, विपक्ष से हो रही चर्चा

By Sanjay MishraEdited By: Swaraj Srivastava
Published: Mon, 23 Mar 2026 10:30 PM (IST)Updated: Tue, 24 Mar 2026 06:32 AM (IST)

सरकार 2029 के लोकसभा चुनावों से महिला आरक्षण लागू करने के लिए संशोधन बिल लाने की तैयारी में है, जो ...और पढ़ें

महिला आरक्षण संशोधन बिल लाने के लिए सरकार ने राजनीतिक दलों से बातचीत की पहल तेज

महिला आरक्षण संशोधन बिल लाने के लिए सरकार ने राजनीतिक दलों से बातचीत की पहल तेज

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संजय मिश्र, नई दिल्ली। संसद तथा राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें सन 2034 से आरक्षित करने की बजाय इसे अब 2029 के लोकसभा चुनाव से ही लागू करने के लिए महिला आरक्षण संशोधन बिल लाने के लिए सरकार ने राजनीतिक दलों से बातचीत की पहल तेज कर दी है।

समझा जाता है कि वर्तमान बजट सत्र में ही इस संबंध में संशोधन विधेयक पेश करने के लिए सरकार ने विपक्षी दलों से संपर्क-संवाद शुरू कर दिया है। 2027 में होने वाली राष्ट्रीय जनगणना के पहले ही लोकसभा सीटों का परिसीमन शुरू होगा कर 2029 के आम चुनाव से ही महिला आरक्षण लागू करने का रास्ता बनाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बदलाव के लिए संशोधन बिल लाने की यह तैयारी कर रही है।

महिला आरक्षण संबंधी संशोधन बिल लाने की सरकार की शुरू की गई पहल से साफ है कि लोकसभा की वर्तमान 543 सीटों में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ यह संख्या 814 हो जाएगी। इसमें 272 लोकसभा सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। प्रस्तावित संशोधन बिल पर राजनीतिक सहमति बनी तो 2011 की जनसंख्या के आधार पर लोकसभा तथा विधानसभा की सीटों का परिसीमन कर महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें बढ़ाई जाएंगी।

बड़े राज्यों में 33 प्रतिशत आरक्षण के हिसाब से लोकसभा सीटें बढ़ाई जाएंगी। जबकि बहुत छोटे राज्य जहां एक या दो सीटें हैं उनमें सीटें नहीं बढ़ेंगी और यहां दो या तीन चुनाव के बाद बारी के आधार पर सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। सरकार महिला आरक्षण से संबंधित प्रस्तावित यह बिल राज्यसभा में पेश कर सकती है।

सूत्रों के मुताबिक चालू बजट सत्र में ही सरकार के महिला आरक्षण संशोधन बिल पेश करने के इरादों को लेकर गृहमंत्री अमित शाह तथा संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजीजू ने विपक्षी दलों के नेताओं से बातचीत की पहल शुरू कर दी है। रिजीजू ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष तथा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पिछले हफ्ते पत्र लिखकर महिला आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा के लिए कहा था। खरगे ने सरकार को इस पर सर्वदलीय बैठक बुलाना चाहिए।

हालांकि संकेतों से साफ है कि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को महिला आरक्षण लागू करने की पहल का समर्थन करने में कोई दिक्कत नहीं होगी और पार्टी ने तो नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में पारित होने के समय ही इसे तत्काल लागू करने की आवाज उठाई थी। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने अभी कुछ दिन पहले ही सरकार से 2029 के लोकसभा चुनाव से महिला आरक्षण लागू करने की मांग की थी।

विपक्षी खेमे के अन्य प्रमुख दलों तृणमूल कांग्रेस के साथ ही वामपंथी दलों को भी महिला आरक्षण संशोधन बिल का समर्थन करने में शायद ही कोई दिक्कत होगी। लेकिन समाजवादी पार्टी, राजद तथा द्रमुक जैसे दलों की ओर से महिलाओं के लिए आरक्षण कोटे में ओबीसी, एससी-एसटी वर्ग के लिए अलग से कोटे की मांग उठाई जा सकती है।

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