नेशनल डेस्क, नई दिल्ली।  कभी महिलाओं को पढ़ने-लिखने में छूट न देने वाले भारतीय समाज में बड़ा बदलाव आ चुका है। महिलाएं अब केवल शुरुआती शिक्षा तक ही नहीं, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी पुरुषों से बराबरी कर रही हैं। प्रत्येक प्रदेश और जाति व वर्ग में महिलाएं मात्र चंद कदम ही पुरुषों से दूर हैं। हालांकि, कुछ कोर्स में महिलाएं पुरुषों को पछाड़ भी चुकी हैं। देश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सबसे ज्यादा सीटों वाले राज्य उत्तर प्रदेश में भी महिलाएं पुरुषों से आगे हैं।

पिछले माह जारी ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (एआइएसएचए)2018-19 की रिपोर्ट से पता चलता है कि देश में उच्च शिक्षा में कुल अनुमानित छात्र नामांकन 3,73,99,388 हैं, जिनमें से लगभग 51.36 प्रतिशत पुरुष और शेष 48.64 प्रतिशत महिलाएं हैं।

कोर्स के आधार पर अंतर

अधिकांश कोर्स में लिंगानुपात के मामले में पुरुष अधिक हैं, लेकिन इनमें अपवाद भी हैं। जैसे, एम-फिल, स्नातकोत्तर और प्रमाणपत्र स्तरों में महिलाएं अधिक हैं। स्नातक स्तर पर नामांकन में 51 प्रतिशत पुरुष और 49 प्रतिशत महिलाएं हैं, जबकि डिप्लोमा के मामले में पुरुष 66.8 प्रतिशत और महिलाएं मात्र 33.2 प्रतिशत हैं। पीएचडी स्तर पर पुरुष नामांकन 56.18 प्रतिशत और महिला नामांकन 43.82 प्रतिशत है। इंटीग्रेटेड स्तर पर 57.50 प्रतिशत पुरुष तो 42.50 प्रतिशत महिलाएं और पीजी डिप्लोमा में 54.09 प्रतिशत पुरुष और 45.91 प्रतिशत महिलाएं हैं।

राज्यों के आधार पर अंतर

उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, बंगाल, राजस्थान और कर्नाटक देश के वे छह राज्य हैं, जहां सबसे ज्यादा विद्यार्थी शिक्षा हासिल करते हैं। इन राज्यों से देश के कुल 54.23 प्रतिशत छात्र आते हैं। इन राज्यों में देश की 54.43 प्रतिशत महिला छात्र और 54.05 प्रतिशत पुरुष छात्र शिक्षा हासिल करते हैं। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा छात्र उच्च शिक्षा के लिए नामांकन कराते हैं। यहां पुरुष छात्रों का नामांकन प्रतिशत 49.30 है। यानी इस राज्य में महिलाएं आगे हैं। दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र है यहां पुरुष छात्रों का नामांकन प्रतिशत 54.95 और महिला छात्रों का 45.05 प्रतिशत हैं। तमिलनाडु में 50.87 प्रतिशत पुरुष और 49.13 प्रतिशत महिला छात्र, बंगाल में 50.37 प्रतिशत पुरुष तो 49.63 प्रतिशत महिला छात्र हैं। राजस्थान में महिला छात्रों की तुलना में पुरुष छात्र अधिक हैं।

वर्ग के आधार पर नामांकन

देश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में होने वाले कुल नामांकन में 14.89 प्रतिशत नामांकन एससी वर्ग से आते हैं। एसटी वर्ग से 5.53 प्रतिशत छात्र आते हैं। ओबीसी वर्ग से 36.34 प्रतिशत छात्र आते हैं, जिनमें 50.83 प्रतिशत पुरुष होते हैं। सर्वेक्षण में पाया गया कि 5.23 प्रशित छात्र मुस्लिम अल्पसंख्यक और 2.32 प्रतिशत अन्य अल्पसंख्यक समुदायों से आते हैं। मुस्लिम में महिलाओं की तुलना में पुरुष छात्र अधिक हैं, जबकि अन्य अल्पसंख्यकों में महिला छात्र पुरुषों से अधिक हैं।

Posted By: Sanjay Pokhriyal

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