नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। अमेरिका, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे विकसित देशों की तुलना में भारत में महिलाएं ज्यादा सुरक्षित हैं। आपको भले ही इस पर भरोसा न हो, लेकिन सरकार की ओर से राज्यसभा में पेश आंकड़े यही बताते हैं। राज्यसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने यह दावा किया। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा तैयार इन आंकड़ों में केवल उन्हीं मामलों को शामिल किया गया है, जिनमें पुलिस ने शिकायत दर्ज की है।

सरकार की ओर से पेश संयुक्त राष्ट्र संघ के आंकड़ों के अनुसार 2010 में भारत में प्रति एक लाख जनसंख्या पर महिलाओं से दुष्कर्म के 1.8 मामले दर्ज किए गए थे। जबकि, इसी साल प्रति एक लाख जनसंख्या पर अमेरिका में 27.3, फिलीपींस में 5.1, मैक्सिको में 13.2, ब्राजील में 21.09, कोलंबिया में 6.8, स्वीडन में 63.5, फ्रांस में 16.2, रूस में 3.4, ब्रिटेन में 28.8 और जर्मनी में 9.4 मामले दर्ज किए गए थे। जाहिर है महिलाओं के खिलाफ दुष्कर्म के मामले में भारत की स्थिति कई विकसित देशों से बेहतर है।

वैसे गृह राज्य मंत्री ने स्वीकार किया कि भारत में पहले महिलाओं के खिलाफ अपराध के बहुत सारे मामले में पुलिस में दर्ज ही नहीं हो पाते थे। लेकिन, उन्होंने कहा कि दिल्ली दुष्कर्म कांड के बाद सरकार की कोशिशों से स्थिति बदल गई है। उनके अनुसार इसके बाद पुलिस को महिला की दुष्कर्म की शिकायत पर एफआइआर दर्ज करना अनिवार्य बना दिया गया है। इसी कारण पिछले एक साल में दुष्कर्म के दर्ज मामले 2011 के 33,052 और 2012 के 38,172 से बढ़कर 2013 में 58,224 हो गए।

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