नई दिल्‍ली, जेएनएन। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में भाजपा नेता अश्‍विनी कुमार उपाध्‍याय की याचिका पर अब जनवरी में सुनवाई की जाएगी। याचिका में उन्‍होंने निकाह हलाला (Nikah Halala) और बहु विवाह (Polygamy) को चुनौती दी थी। दरअसल, कोर्ट की सर्दी की छुट्टियां (Winter Vacation) सोमवार से शुरू हो गई हैं।  याचिकाकर्ता भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने कोर्ट से याचिका पर जल्द सुनवाई का अनुरोध किया था।

उनहोंने चीफ जस्‍टिस एसए बोबडे की अध्‍यक्षता वाली बेंच के पास अपनी याचिका पेश की और जल्‍द सुनवाई का अनुरोध किया था। लेकिन बोबडे ने याचिका को ठुकारते हुए कहा कि शीत अवकाश के बाद ही वे इस मामले पर सुनवाई करेंगे। याचिका में निकाह हलाला और बहुविवाह को कुप्रथा बताते हुए असंवैधानिक बताया है।

इस याचिका में निकाह हलाला और बहुविवाह को दुष्‍कर्म के समान अपराध घोषित किया गया है। भाजपा नेता ने अपनी याचिका में बहुविवाह, निकाह हलाला, निकाह मुताह और निकाह मिस्यार को चुनौती दी है और इसे संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 का उल्लंघन बताया है।

फिलहाल मुस्लिम पर्सनल लॉ के अनुसार, तलाकशुदा मुस्लिम महिला यदि अपने पति से दोबारा निकाह करना चाहती है, तब उसे पहले अन्‍य शख्स के साथ निकाह कर साथ एक रात गुजारनी पड़ेगी उसके बाद ही अपने पहले पति के पास जा सकती है। इस प्रक्रिया को निकाह हलाला कहते हैं। वहीं बहुविवाह के तहत एक मुस्लिम पुरुष चार निकाह कर चार पत्‍नियां रख सकता है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में 2 दिसंबर से 3 जनवरी तक अवकाश है।

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