विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

चीन बॉर्डर के एक्सपर्ट माने जाते हैं पूर्व आर्मी चीफ मनोज नरवणे, जिनकी अप्रकाशित किताब पर मचा हंगामा

Published: Mon, 02 Feb 2026 04:07 PM (IST)

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्च के दौरान राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ मनोज नरवणे ...और पढ़ें

पूर्व आर्मी चीफ मनोज नरवणे (फाइल फोटो)

पूर्व आर्मी चीफ मनोज नरवणे (फाइल फोटो)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भाषण दिया। राहुल गांधी ने अपने भाषण में पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब के कुछ अंशों का जिक्र किया, जिसे लेकर सदन में जोरदार हंगामा मच गया।

राहुल गांधी के भाषण पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन के नियम बताए। वहीं सरकार की तरफ से गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी आपत्ति जताई।

पूर्व आर्मी चीफ की किताब पर सदन में हंगामा

पूर्व आर्मी चीफ की किताब के कुछ अंश एक मैगजीन आर्टिकल में छपे थे। इसका हवाला देकर राहुल गांधी ने सरकार से चीन पर सवाल पूछना शुरू किया। राहुल गांधी ने कहा चीनी सेना भारत में घुस रही है और इस बात को लेकर सदन में हंगामा शुरू हो गया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी को जवाब देते हुए कहा, 'जिस किताब का राहुल गांधी उल्लेख कर रहे हैं, वो किताब अभी प्रकाशित ही नहीं हुई है। ऐसे में इस पुस्तक का उल्लेख क्यों किया जा रहा है? राहुल गलत किताब का जिक्र कर रहे हैं।'

कौन है मनोज मुकुंद नरवणे?

पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने जनरल बिपिन रावत के बाद इस पद को संभाला। उन्होंने 31 दिसंबर 2019 से  भारतीय सेना के 27वें आर्मी चीफ के रूप में कार्य किया।

एमएम नरवणे 15 दिसंबर 2021 से 30 अप्रैल 2022 को अपनी रिटायरमेंट तक चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अस्थायी चेयरमैन के रूप में भी काम कर चुके हैं।

16 दिसंबर, 2019 को जनरल नरवणे को जनरल रावत का उत्तराधिकारी घोषित किया गया था। नरवणे ने दिसंबर 2019 में चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) का पद छोड़ा था। ये अप्रैल 2022 में इस पद से रिटायर हो गए।

नरवणे ने आतंकवाद विरोधी अभियानों में किया काम

जनरल एमएम नरवणे का जन्म 22 अप्रैल, 1960 को पुणे में हुआ था। वह एक पूर्व भारतीय वायु सेना अधिकारी के बेटे हैं। उनके पास डिफेंस स्टडीज में एम.फिल की डिग्री भी है।

एमएम नरवणे जून 1980 में सिख लाइट इन्फैंट्री की 7वीं बटालियन में शामिल हुए थे। बाद में उन्होंने जम्मू और कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स की दूसरी बटालियन (सिखली) और 106 इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान संभाली।

नरवणे ने असम राइफल्स की भी कमान संभाली है और कश्मीर और पूर्वोत्तर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में काम किया है।

यह भी पढ़ें- पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की अप्रकाशित किताब पर संसद में हंगामा, राहुल गांधी और राजनाथ-शाह के बीच जोरदार बहस

यह भी पढ़ें- 'ये क्या तरीका है?', संसद में हंगामे के बीच वेणुगोपाल पर भड़के स्पीकर ओम बिरला, राहुल गांधी से हुई बहस