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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

WhatsApp ने लॉन्च किया सेफ्टी ओवरव्यू नाम का फीचर, जानिए इसकी खासियत

Published: Wed, 06 Aug 2025 10:03 PM (IST)

व्हाट्सएप ने यूजर्स की सुरक्षा के लिए सेफ्टी ओवरव्यू नामक नया फीचर लॉन्च किया है। यह फीचर अनजान व्यक्तियों द्वारा ...और पढ़ें

व्हाट्एप के नए फीचर से मिलेगी कितनी सिक्योरिटी।
व्हाट्एप के नए फीचर से मिलेगी कितनी सिक्योरिटी।

पीटीआई, नई दिल्ली। वाट्सएप ने यूजर्स की सुरक्षा के लिए एक नया फीचर लॉन्च किया है। 'सेफ्टी ओवरव्यू' नामक यह फीचर उस स्थिति में आपको अलर्ट करेगा, जब ऐसा कोई व्यक्ति आपको किसी अनजान वाट्सएप ग्रुप से जोड़ता है, जो आपके मोबाइल फोन की कांटैक्ट लिस्ट में नहीं है।

मेटा के स्वामित्व वाले इस इंटरनेट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म ने धोखाधड़ी और घोटालों की रोकथाम के प्रयास के तहत यह नया कदम उठाया है। 'सेफ्टी ओवरव्यू' के जरिये यूजर्स को न केवल अनजान ग्रुप के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी बल्कि ऐसे समूहों से बचने के लिए सेफ्टी टिप्स भी मिलेंगे।

क्या है इस फीचर की खासियत?

वाट्सएप के अनुसार, 'इससे आपको यह तय करने में मदद मिलेगी कि आपको ग्रुप में बने रहना या छोड़ना है। आप चैट देखे बगैर ग्रुप से बाहर हो सकते हैं। अगर आप 'सेफ्टी ओवरव्यू' देखने के बाद ग्रुप को पहचान सकते हैं तो आप चैट के लिए अधिक कांटैक्ट को देखने का विकल्प चुन सकते हैं।'

खास बात यह है कि इस दौरान ग्रुप से कोई नोटिफिकेशन आपको बार-बार परेशान नहीं करेगा। ऐसा तब तक होगा, जब तक आप यह निर्णय नहीं कर लेते हैं कि आपको ग्रुप में बने रहना है या बाहर निकल जाना है। मेटा के मैसेजिंग प्लेटफॉर्म ने बताया कि वह यूजर्स को सतर्क करने के लिए नए तौर-तरीकों की तलाश कर रहा है, जिससे उन यूजर्स को आगाह किया जा सके, जो ऐसे अनजान व्यक्ति के साथ चैट करते हैं, जो उनके मोबाइल फोन की कांटैक्ट लिस्ट में नहीं हैं। इससे वे सही निर्णय लेने में सक्षम हो सकते हैं।

68 लाख अकाउंट किए बंद

वाट्सएप ने यह बताया कि यह कदम स्कैम सेंटरों के प्रयासों को विफल करने के लिए भी उठाया जा रहा है। इस तरह के केंद्र दक्षिण पूर्व एशिया में संगठित अपराध गिरोहों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। वाट्सएप और मेटा की सुरक्षा टीमों ने लोगों को घोटालों से बचाने के प्रयास में इस वर्ष के पहले छह महीनों के दौरान स्कैम सेंटरों से जुड़े करीब 68 लाख अकाउंट की पहचान की और उनको बंद किया।

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