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WhatsApp के नए यूजर ID फीचर की जांच करेगी सरकार, फ्रॉड बढ़ने की आशंका

Published: Wed, 01 Jul 2026 05:07 PM (IST)Updated: Wed, 01 Jul 2026 06:37 PM (IST)

WhatsApp के नए यूजर आईडी फीचर की सरकार जांच कर रही है, क्योंकि इससे डिजिटल फ्रॉड बढ़ने का शक है।

व्हाट्सएप के नए User ID फीचर पर सरकार ले सकती है एक्शन

व्हाट्सएप के नए User ID फीचर पर सरकार ले सकती है एक्शन

HighLights

  1. सरकार WhatsApp के नए यूजर आईडी फीचर की जांच कर रही है।

  2. धोखाधड़ी और प्रतिरूपण का खतरा, सरकार चिंतित।

  3. मेटा को जल्द ही नोटिस भेजने की तैयारी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। WhatsApp का नया User ID फीचर सामने आया है, लेकिन इस फीचर को लागू करने के लिए WhatsApp  की मालिकाना कंपनी मेटा (Meta) को नोटिस भेज सकती है।

इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि सरकार WhatsApp के आने वाले 'यूजरनेम' फीचर की जांच कर रही है, क्योंकि ऐसी चिंता है कि इसका इस्तेमाल किसी और का नाम रखकर धोखाधड़ी के लिए किया जा सकता है।

User I'd फीचर हो जाएगा बंद?

सरकार को संदेह है कि व्हाट्सएप के इस नए फीचर से डिजिटल फ्रॉड का खतरा बढ़ सकता है। सूत्रों ने कहा कि सरकार संभावित जोखिमों का आकलन करेगी।

व्हाट्सएप के इस फीचर से यूजर्स ऐसे यूजरनेम चुन सकते हैं जो असली एजेंसियों और दूसरी संस्थाओं के यूजरनेम जैसे हों, जिससे किसी और का रूप धरने और धोखाधड़ी की आशंका बढ़ सकती है।

इस फीचर का असर लोगों की सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। सूत्रों ने आगे बताया कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगी।

क्या है WhatsApp का नया फीचर?

मेटा के मालिकाना हक वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp ने यूजरनेम लाने की घोषणा की है। यह एक ऐसा फीचर है जिससे यूजर्स अपने फोन नंबर शेयर किए बिना बातचीत कर सकेंगे।

कंपनी ने यूजरनेम के लिए शुरुआती रिजर्वेशन शुरू कर दिए हैं और इन्हें इस साल के आखिर में आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया जाएगा।

WhatsApp ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, 'इस हफ्ते से आप यूजरनेम रिजर्व कर सकते हैं ताकि जब हम इस साल के आखिर में यह फीचर लॉन्च करें, तो आप उसका इस्तेमाल कर सकें।'

मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के मुताबिक, इस कदम का मकसद यूजर की प्राइवेसी को बेहतर बनाना है, खासकर ग्रुप चैट में या नए लोगों से जुड़ते समय, ताकि लोगों को फोन नंबर शेयर करने की जरूरत न पड़े।

भारत में लागू हुआ फीचर तो क्या होगा प्रभाव?

भारत में, मोबाइल नंबर सिर्फ एक कॉलिंग आइडेंटिटी नहीं है। यह अक्सर बैंकिंग, UPI, आधार-लिंक्ड सर्विस, डिलीवरी एप, जॉब एप्लीकेशन, स्कूल रिकॉर्ड, हाउसिंग ग्रुप और कई कमर्शियल डेटाबेस से जुड़ा होता है।

अगर एक बार किसी का नंबर बड़े पैमाने पर शेयर हो जाता है तो यह कंट्रोल करना मुश्किल हो सकता है कि वह आगे कहां तक जाएगा।

यह खास तौर पर महिलाओं, स्टूडेंट्स, फ्रीलांसर्स, जर्नलिस्ट्स, एक्टिविस्ट्स, क्रिएटर्स, डॉक्टरों, दुकानदारों और गिग वर्कर्स के लिए जरूरी है।

WhatsApp पर Username से क्या फायदा?

कई लोगों को शॉर्ट-टर्म या कम भरोसे वाले इंटरैक्शन के लिए अपना नंबर शेयर करना पड़ता है। यूजरनेम से वे पहले कॉन्टैक्ट को ज्यादा प्राइवेट रख सकते हैं।

एक कॉलेज स्टूडेंट अपना नंबर सबको बताए बिना किसी प्रोजेक्ट ग्रुप में शामिल हो सकता है। एक जर्नलिस्ट किसी सोर्स को अपना फोन नंबर तुरंत बताए बिना कॉन्टैक्ट करने दे सकता है। एक दुकानदार कस्टमर की पूछताछ को पर्सनल कॉन्टैक्ट से अलग कर सकता है।

इस नए फीचर के जहां फायदे हैं वहां नुकसान भी हैं। लेकिन इस नए फीचर को भारत में लागू करने के लिए अंतिम फैसला सरकार का ही होगा, क्योंकि सरकार लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर फैसला लेगी।

पूरी जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

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