मैसेजिंग से सुपरएप की ओर बढ़ रहा WhatsApp, यूजरनेम आने से क्या-क्या बदलेगा?
WhatsApp ने फोन नंबर की जगह यूजरनेम फीचर रोल आउट करना शुरू कर दिया है, जिससे यूजर्स को अपनी प्राइवेसी बेहतर बनाने का मौका मिलेगा।


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। WhatsApp को सुपर-एप में तब्दील करने की कवायद शुरू हो चुकी है। बरसों से यह मैसेजिंग एप एक बेसिक सिद्धांत पर काम कर रही थी। अगर आपको इस प्लेटफॉर्म पर किसी यूजर को मैसेज करना है तो आपको उसका फोन नंबर पता होना चाहिए। ये व्यवस्था अब पुराने होने जा रही है।
वॉट्सएप ने यूजर नेम फीचर रोल आउट करना शुरू कर दिया है। यूजर्स एप पर अपना यूजरनेम रिजर्व भी कर सकते हैं। इसके पीछे वजह एप में यूजर्स की प्राइवेसी को मजबूत करने के साथ एप में कमाई के नए विकल्पों की तलाश करना है।
सुपरएप की ओर बढ़ रहा वॉट्सएप
दुनियाभर में वॉट्सएप के एक्टिव मंथली यूजर्स की संख्या 300 करोड पार कर गई है। अकेले भारत में इसके 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं और कंपनी के लिए इंडिया सबसे बड़ा मार्केट है।
भारत जैसे देश में WhatsApp पर्सनल मैसेजिंग या फैमिली ग्रुप तक सीमित नहीं है। बल्कि, इसे ऑफिस, स्कूल, बिजनेस, कस्टमर सर्विस और पेमेंट से जुड़े कॉम्युनिकेशन के लिए खूब इस्तेमाल किया जाता है। मेटा के स्वामित्व वाले मैसेजिंग ऐप की नजर भारत के कॉमर्स, बिजनेस और पेमेंट मार्केट में है।
हाल ही में कंपनी ने इंडियन स्टार्टअप CRED के फाउंडर कुनाल शाह को ग्लोबल सीईओ बनाया है। कंपनी ने उन्हें यह जिम्मेदारी वॉट्सएप को मैसेजिंग एप को वीचैट जैसे सुपर एप में बदलने के लिए दी है। इसके सुपर एप बनने में सबसे बड़ी अड़चन यूजर की प्राइवेसी है। जैसा कि हमने बताया वॉट्सएप पर लॉगइन या अकाउंट बनाने के लिए फोन नंबर होना जरूरी है।
इसके साथ ही चैट में यूजर इन्फॉर्मेंशन में फोन नंबर ही शेयर होता। इससे यूजर के फोन नंबर जैसी बेहद बेहद पर्सनल डिटेल लीक होने का खतरा है। अब यूजरनेम फीचर एंट्री होने से कंपनी इस अड़चन को लगभग पार कर चुकी है। हालांकि, यूजरनेम फीचर लाने का फैसला कुनाल शाह की नियुक्ति से पहले का है।
यूजरनेम फीचर के आने से पहली नजर में ऐसा लगता है कि कंपनी ने प्राइवेसी की बाधा तो पार कर ली है। लेकिन, मैसेजिंग एप से सुपर एप बनने का रास्ता इतना आसान नहीं होने वाला है। कंपनी ने भारत में 2018 से यूपीआई पेमेंट फीचर शुरू किया था। इस एप में बहुत कम यूजर ही फिलहाल पेमेंट करते हैं।
हाल ही में वॉट्सएप पर फोन नंबर रिचार्ज की सुविधा भी शुरू हुई है। अब देखना दिलचस्प होगा कि वॉट्सएप को सुपर एप के तौर पर डेवलप करने के लिए कुनाल इसमें क्या-क्या नए फीचर और सर्विस जोड़ते हैं। फिलहाल हम आपको यूजरनेम फीचर के आने से क्या बदलाव होंगे। इसके बारे में डिटेल में जानकारी दे रहे हैं।
क्या है WhatsApp यूजरनेम?
यूजरनेम एक यूनिक हैंडल होगा, जो वॉट्सएप पर आपकी नई पहचान बनेगा। वॉट्सएप पर आपके फोन नंबर की जगह सामने वाले को आपका यूजरनेम दिखाई देगा। यह काफी हद तक इंस्टाग्राम और X (पहले ट्विटर) की तरह ही है। हालांकि, एक बड़ा अंतर यह है कि वॉट्सएप पब्लिक सोशल नेटवर्क में कन्वर्ट नहीं होने वाला है। यानी प्लेटफॉर्म में सिर्फ यूजरनेम पता होने से चैट शुरू नहीं कर पाएंगे।
मेटा का कहना है कि उसके प्लेटफॉर्म में यूजर्स नेम की पब्लिक डायरेक्टरी या ऑटोकॉम्पलीट सर्च का ऑप्शन नहीं मिलेगा। यानी कोई भी सिर्फ अनुमान लगाकर किसी से कनेक्ट नहीं कर पाएंगे। प्राइवेट मैसेजिंग शुरुआत से वॉट्सएप की ताकत रही है। यह अब भी बरकार रहने वाला है।
यूजरनेम फीचर के साथ अब यूजर्स को गैर-जरूरी चीजों के लिए जहां अपना फोन नंबर शेयर नहीं करने की जरूरत नहीं होगी। वहीं यूजर्सनेम की डायरेक्टरी भी पब्लिकली उपलब्ध नहीं होगी। यानी प्राइवेसी और मजबूत होने जा रही है। वॉट्सएप में चैट शुरू करने के लिए सामने वाले को यूजरनेम के साथ-साथ यूजरनेम की (username key) भी पता होना जरूरी होगा।

क्या है वॉट्सएप यूजरनेम की?
वॉट्सएप यूजरनेम की मदद से यूजर को सर्च किया जा सकता है। लेकिन, चैट शुरू करने से पहले कंपनी ने Username key के साथ एक अन्य परमिशन लेयर शुरू की है। यह पासवर्ड की तरह होगा। आपसे चैट शुरू करने के लिए यूजर के फोन बुक में नंबर सेव होना चाहिए या फिर उसे Username key पता होना चाहिए। इससे आप स्पैम से बच सकते हैं।
वॉट्सएप पर यूजरनेम कैसे बनाएं?
सबसे पहले आपको WhatsApp एप अपडेट करनी होगी। कंपनी इस फीचर को धीरे-धीरे उपलब्ध करवा रही है। अगर आपको यह ऑप्शन मिल चुका है तो इसे एक्सेस करने के लिए सेटिंग मैन्यू में अकाउंट्स सेक्शन में यूजरनेम का ऑप्शन दिखाई देगा।
वॉट्सएप के करोड़ों यूजर्स हैं। ऐसे में आपको हमारी सलाह होगी कि जल्द से जल्द अपना यूजरनेम सेट कर लें। इसके साथ ही यूजर्स को इंस्टाग्राम या फेसबुक के यूजरनेम चुनने की स्वतंत्रा होगी। इसके लिए इन्हें वॉट्सएप से लिंक करना होगा।
भारत के लिए क्यों है जरूरी?
भारत में मोबाइल नंबर सिर्फ कॉलिंग के लिए इस्तेमाल नहीं होता। मोबाइल नंबर आपके - यूपीआई, आधार और दूसरी जरूरी सेवाओं में बेहद जरूरी होता है। वॉट्सएप से मोबाइल नंबर एक्सपोज होने का बड़ा खतरा हमेशा बना रहता है। ऐसे में अब मोबाइल नंबर की जगह यूजरनेम दिखाई देने से यूजर्स की प्राइवेसी और बेहतर होगी।
भारत में बैंक, कोरियर, एयरलाइन, कोचिंग सेंटर और यहां तक पड़ोस का दुकानदार अपने ग्राहकों से वॉट्सएप पर ही कनेक्ट करते हैं। अब नए फीचर के बाद से इन बिजनेसेस के पास ग्राहक का फोन नंबर नहीं, बल्कि सिर्फ यूजरनेम होगा। इससे बिजनेसेस को सीधी ग्राहक का फोन नंबर नहीं दिखाई देगा।
फोन नंबर के एक्सपोज न होने से प्राइवेसी समस्या हल होगी। इतना ही नहीं वॉट्सएप पर रेंडम किसी ग्रुप में जोड़ दिए जाने और स्पैम कॉल मैसेज से भी छुट्टी मिलेगी। हालांकि, इससे स्कैम पूरी तरह बंद नहीं होंगे। स्कैमर्स किसी यूजर की तरह दिखने वाला यूजरनेम से अकाउंट बनाकर पहचान वालों के साथ स्कैम कर सकते हैं। ऐसे में वॉट्सएप पर किसी भी यूजर के साथ किसी तरह का पासवर्ड, ओटीपी, यूपीआई या बैंकिंग डिटेल्स शेयर न करें।
यूजरनेम बनाने वक्त किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है?
अगर आपके एप में यूजरनेम का ऑप्शन आ गया है तो सावधानी से यूजरनेम चुनें। इंस्टाग्राम, फेसबुक, लिंकड्इन, एक्स और वॉट्सएप में एक जैसा यूजरनेम चुनने की सोच रहे हैं तो यह थोड़ा परेशानी वाला हो सकता है। इससे आपकी प्राइवेसी प्रभावित हो सकती है।
हालांकि, क्रिएटर्स और बिजनेसेस के लिए यह एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। इसके साथ ही अगर आप अपना यूजरनेम पब्लिक कर रहे हैं तो आपको प्राइवेसी के लिए यूजरनेम की को भी इनेबल कर लेना चाहिए। इससे आपको नई चैट पर पहले से ज्यादा कंट्रोल मिलेगा।
वॉट्सएप का यूजरनेम फीचर शुरुआती नजर में भले प्राइवेसी फीचर लग रहा हो। लेकिन, कंपनी की प्लानिंग इसे लेकर कुछ और है। यूजर्स की प्राइवेसी को पुख्ताकर कंपनी इस मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को सुपरएप में बदलने के लिए यह पहला कदम है।
