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चुनाव आयोग से कैसे मिल सकती हैं राजनीतिक पार्टियां? EC ने बताया पूरा प्रोसीजर

Published: Tue, 06 Oct 2026 11:02 PM (IST)

चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक के नियमों को स्पष्ट किया है, जिसमें कहा गया है कि INDIA ...और पढ़ें

चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों से मिलने के नियम स्पष्ट किए।

चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों से मिलने के नियम स्पष्ट किए।

HighLights

  1. चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों से मिलने के नियम स्पष्ट किए।

  2. INDIA गठबंधन ने औपचारिक अपॉइंटमेंट नहीं मांगा था।

  3. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया गया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। INDI गठबंधन के SIR को लेकर विपक्षी पार्टियों के साथ चल रहे विवाद के बीच भारत क चुनाव आयोग ने मंगलवार को कहा कि किसी भी राजनीतिक पार्टी ने मिलने के लिए औपचारिक रूप से अपाइंटमेंट नहीं मांगा।

‘किसी राजनीतिक पार्टी ने नहीं मांगा समय’

चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा, ‘आज कुछ राजनीतिक पार्टियों ने चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च किया। जिस दौरान मीडिया के जरिए पता चला कि कुछ सांसद अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ आयोग से मिलना चाहते हैं।

आज की घटनाओं के बारे में यह साफ किया है कि आज शाम 4 बजे तक किसी भी राजनीतिक पार्टी ने अपने प्रतिनिधियों के जरिए चुनाव आयोग से मिलने का अनुरोध नहीं किया था।’

चुनाव आयोग ने अपने बयान में आगे कहा कि उसे दिल्ली पुलिस से पता चला ‘विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलना चाहता है और एक ज्ञापन सौंपना चाहता है।’

चुनाव आयोग ने साफ किए नियम

चुनाव आयोग ने नियमों को साफ करते हुए और अपना पक्ष रखते हुए कहा, ‘सभी राजनीतिक पार्टियों को इसके बारे में बताया गया था और वे इस प्रक्रिया का पालन करती हैं।

जब भी किसी राजनीतिक पार्टी का प्रतिनिधिमंडल या कई पार्टियों का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलना चाहता है तो वो अपने अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए अपॉइंटमेंट मांगता है और उसके बाद बैठक दोनों पक्षों की आपसी सहमति से तय समय पर होती है।’

'आयोग परिसर में ही होती हैं बैठकें'

चुनाव आयोग ने आगे दावा किया कि शाम 4 बजे के बाद, जब वह प्रस्तावित बैठक पर विचार कर रहा था, तो दिल्ली पुलिस ने उसे बताया कि प्रतिनिधिमंडल में 240 सांसद शामिल हैं और वे संसद भवन एनेक्सी में मिलना चाहते हैं।

इस अनुरोध को आयोग ने असामान्य बताया और कहा कि इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है क्योंकि ECI प्रोटोकॉल के तहत, राजनीतिक पार्टियों के साथ बैठकें केवल आयोग के परिसर में ही होती हैं।’

चुनाव आयोग ने आगे कहा कि सांसदों का ज्ञापन लेने के लिए संसद भवन एनेक्सी में आयोग ने अपने सबसे वरिष्ठ अधिकारी को भेजने का प्रस्ताव दिया था लेकिन सांसदों ने इस प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया।

देश की संसदीय और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान

आयोग ने कहा कि वह देश की संसदीय और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान करता है, साथ ही इस बात पर जोर दिया कि उसके प्रोटोकॉल और परंपराएं भी महत्वपूर्ण हैं। इसमें फिर से कहा गया कि राजनीतिक पार्टियां कभी भी चुनाव आयोग से मीटिंग की मांग कर सकती है, जिसके बाद आयोग अपनी उपलब्धता के आधार पर तारीख और समय तय करता है।

राहुल-प्रियंका हिरासत में लिया

यह विरोध प्रदर्शन तब हुआ जब INDIA गठबंधन के नेताओं ने संसद से चुनाव आयोग के मुख्यालय तक एक बड़ा मार्च निकाला। वे "वोट चोरी" के आरोपों पर चुनाव आयोग के साथ मीटिंग की मांग कर रहे थे और CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग भी कर रहे थे।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा आकाशवाणी भवन के पास धरने में शामिल हुए, लेकिन बाद में पुलिस ने विरोध वाली जगह को खाली करा दिया। राहुल और प्रियंका समेत विपक्ष के कई सांसदों को हिरासत में ले लिया।

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