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ममता को सबसे बड़ा झटका: TMC के 19 सांसद बागी गुट में शामिल, लिस्ट में यूसुफ पठान-शत्रुघन सिन्हा का भी नाम

Published: Wed, 10 Jun 2026 06:21 PM (GMT+05:30)Updated: Wed, 10 Jun 2026 10:06 PM (GMT+05:30)

बंगाल की राजनीति में जारी गर्माहट के बीच अब एक और बड़ा दावा सामने आ रहा है। सयानी घोष के ...और पढ़ें

बंगाल की सियासत में गर्माहट

बंगाल की सियासत में गर्माहट

HighLights

  1. तृणमूल कांग्रेस में असंतोष की चिंगारी अब बड़े विस्फोट में बदली।

  2. शत्रुघन सिन्हा और यूसुफ पठान का नाम भी बागी सांसदों में होने का दावा।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर सुलग रही असंतोष की चिंगारी अब एक बड़े सियासी विस्फोट में बदल चुकी है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों से मिल रही खबरों के मुताबिक, टीएमसी अभी सीधे दो हिस्सों में बंटने की कगार पर खड़ी है।

दूसरी ओर बंगाल की सियासत और राजनीतिक गलियारों में ऊहापोह और तेज तब हो गई, जब ये दावा किया जाने लगा कि इन बागी सांसदों में ममता बनर्जी की करीबी सियानी घोष के साथ आसानसोल से सांसद शत्रुघन सिन्हा और बहरामपुर से सांसद यूसुफ पठान का नाम भी शामिल है। 

कौन-कौन से सांसद के नाम सामने आ रहे?

सूत्रों के हवाले से बागी सांसदो की जो लिस्ट सामने आई है, उसमें राज्य के अलग-अलग हिस्सों से चुनकर आए ये सांसद कथित तौर पर शामिल हो चुके हैं। इसमें कई बड़े चेहरे भी शामिल है।

  • शत्रुघ्न सिन्हा (आसनसोल)
  • काकोली घोष दस्तीदार (बारासात)
  • जगदीश चंद्र बसुनिया (कूचबिहार)
  • खलीलुर रहमान (जंगीपुर)
  • यूसुफ पठान (बहरामपुर)
  • अबू ताहिर खान (मुर्शिदाबाद)
  • पार्थ भौमिक (बैरकपुर)
  • बापी हलदार (मथुरापुर)
  • सायनी घोष (जादवपुर)
  • माला रॉय (कोलकाता दक्षिण)
  • मिताली बाग (आरामबाग)
  • दीपक अधिकारी / देव (घाटाल)
  • कालीपद सोरेन (झाड़ग्राम)
  • जून मालिया (मेदिनीपुर)
  • अरूप चक्रवर्ती (बांकुरा)
  • शर्मिला सरकार (बर्धमान पूर्व)
  • असित कुमार माल (बोलपुर)
  • शताब्दी रॉय (बीरभूम)
  • रचना बनर्जी (हुगली)

अब समझिए पूरा सियासी समीकरण

बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस अभूतपूर्व संकट से गुजर रही है। पार्टी के भीतर जारी बगावत अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। जादवपुर से सांसद सायोनी घोष और कोलकाता दक्षिण की सांसद माला राय के भी विद्रोही खेमे में शामिल होने की संभावना ने तृणमूल सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

सूत्रों के अनुसार दोनों सांसदों ने काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले अलग गुट को समर्थन देने की सहमति जताई है। यदि यह औपचारिक रूप लेता है तो लोकसभा में विद्रोही सांसदों की संख्या 22 तक पहुंच सकती है। इससे पहले राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने पार्टी और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

उन्होंने अपने फैसले को व्यक्तिगत और राजनीतिक कारणों से प्रेरित बताया। उधर विधानसभा में भी तृणमूल की स्थिति कमजोर होती जा रही है। विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि विद्रोही विधायकों की संख्या बढ़कर 64 हो गई है और यह आंकड़ा आगे भी बढ़ेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हम ही असली तृणमूल हैं, कांग्रेस में विलय का कोई सवाल नहीं है।

शताब्दी राय ने किया था तीखा हमला

संकट के बीच वरिष्ठ नेता शताब्दी राय ने पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि केवल दो सांसद पार्टी छोड़ते तो इसे व्यक्तिगत मामला माना जा सकता था, लेकिन 20 से अधिक सांसदों का साथ छोड़ना नेतृत्व की गंभीर विफलता का प्रमाण है। शताब्दी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने संगठन के भीतर बढ़ती नाराजगी को समय रहते नहीं समझा, जबकि अभिषेक बनर्जी और आइपैक को अत्यधिक अधिकार देने से जमीनी कार्यकर्ताओं का भरोसा कमजोर हुआ।

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