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AI की कड़ी निगरानी में होंगे मतदान केंद्र, अतिरिक्त व्यक्ति घुसते ही कंट्रोल रूम को मिलेगा अलर्ट

Published: Wed, 08 Apr 2026 11:49 PM (GMT+05:30)Updated: Wed, 08 Apr 2026 11:51 PM (GMT+05:30)

चुनाव आयोग विधानसभा चुनावों में निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करेगा। यह तकनीक बूथों के अंदर अतिरिक्त ...और पढ़ें

चुनाव आयोग की कड़ी व्यवस्था (जागरण)

चुनाव आयोग की कड़ी व्यवस्था (जागरण)

HighLights

  1. एआई तकनीक से बूथों पर अतिरिक्त व्यक्तियों की पहचान।

  2. ईवीएम के सामने अधिक समय पर एआई देगा अलर्ट।

  3. केंद्रीय कंट्रोल रूम से 500 बूथों की लाइव निगरानी।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने इस बार निगरानी व्यवस्था को और अधिक सख्त और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने का फैसला किया है। बूथों के अंदर और बाहर गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल किया जाएगा।

आयोग के सूत्रों के अनुसार, बूथ के भीतर निर्धारित संख्या से अधिक कोई भी व्यक्ति प्रवेश करता है तो एआई तुरंत सूक्ष्म पर्यवेक्षकों को इसकी सूचना देगा। इतना ही नहीं, यदि कोई मतदाता या व्यक्ति ईवीएम मशीन के सामने तय समय से अधिक देर तक खड़ा रहता है, तो भी सिस्टम अलर्ट जारी करेगा।

निर्धारित नियमों के मुताबिक, प्रत्येक बूथ के अंदर एक पीठासीन अधिकारी, तीन पोलिंग आफिसर और प्रत्येक उम्मीदवार की ओर से एक-एक पोलिंग एजेंट मौजूद रहेंगे।

इनकी संख्या से अधिक व्यक्ति पाए जाने पर एआई उसे पहचान कर स्क्रीन पर चिह्नित करेगा। हर बूथ के अंदर और बाहर वेबकैम लगाए जाएंगे। जहां एक कैमरा पर्याप्त नहीं होगा, वहां अतिरिक्त कैमरे भी लगाए जाएंगे। इन कैमरों से प्राप्त लाइव वीडियो सीधे केंद्रीय कंट्रोल रूम में देखा जाएगा।

ऐसे काम करेगी एआई तकनीक

एआई सिस्टम बूथ के अंदर मौजूद प्रत्येक व्यक्ति को पहचान कर उसे स्क्रीन पर एक काल्पनिक बाक्स (आयत) में दिखाएगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी बूथ में 10 लोगों की अनुमति है और वहां 11 लोग मौजूद हैं, तो कंट्रोल रूम में उस बूथ की स्क्रीन लाल हो जाएगी।

इसके बाद अधिकारी संबंधित बूथ के पीठासीन अधिकारी से तुरंत संपर्क कर स्थिति की जानकारी लेंगे। इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति ईवीएम के सामने लगभग दो मिनट या उससे अधिक समय तक खड़ा रहता है, तो भी एआई उसे चिन्हित कर अलर्ट भेजेगा। इसके बाद कंट्रोल रूम से सेक्टर आफिसर या पीठासीन अधिकारी को फोन कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

कंट्रोल रूम में हाईटेक व्यवस्था

विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता के अनुसार, केंद्रीय कंट्रोल रूम में एक साथ 500 बूथों की निगरानी की जा सकेगी। यहां 72 स्क्रीन बूथों की निगरानी के लिए और 18 अतिरिक्त स्क्रीन एसएसटी (स्टैटिक सर्विलांस टीम) तथा एफएसटी (फ्लाइंग सर्विलांस टीम) की गतिविधियों को देखने के लिए लगाई जाएंगी।

कंट्रोल रूम में करीब 200 सूक्ष्म पर्यवेक्षक तैनात रहेंगे और 10 टेलीफोन लाइनें भी उपलब्ध रहेंगी। आम नागरिक टोल फ्री नंबर पर काल कर किसी भी तरह की शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

मैदान में भी सख्त निगरानी

फ्लाइंग स्क्वाड, क्विक रिस्पांस टीम और स्टैटिक सर्विलांस टीम पूरे समय सक्रिय रहेंगी। इनकी गाडि़य़ों में चारों तरफ नजर रखने वाले कैमरे लगाए गए हैं, जिन्हें कंट्रोल रूम से भी संचालित किया जा सकता है।

साथ ही, केंद्रीय बल और पुलिस की गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगाया गया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त कर रही हैं। इस तरह चुनाव आयोग इस बार एआई तकनीक के जरिए पारदर्शी और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है।

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