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'31 सीटों पर जीत के अंतर से ज्यादा नाम SIR में हटाए गए', टीएमसी की दलील पर SC ने क्या कहा?

Published: Mon, 11 May 2026 03:46 PM (IST)Updated: Mon, 11 May 2026 03:59 PM (IST)

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजों पर टीएमसी ने सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई तेज कर दी है। पार्टी का दावा ...और पढ़ें

31 सीटों के विवाद पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची TMC

31 सीटों के विवाद पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची TMC

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डिडिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य लोग इस दावे के संबंध में नए आवेदन दायर कर सकते हैं। टीएमसी का कहना है कि कई ऐसी सीटे हैं, जहां जीत का अंतर मतदाता सूची के विशेष संशोधन (SIR) के दौरान हटाए गए वोटों की संख्या से कम था।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उन दावों पर संज्ञान लिया है, जिनमें आरोप लगाया गया है कि राज्य की कम से कम 31 सीटों पर नाम हटाए जाने की प्रक्रिया ने सीधे तौर पर चुनावी परिणामों को प्रभावित किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य लोग इस दावे के संबंध में नए आवेदन दायर कर सकते हैं कि विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान जीत का अंतर हटाए गए वोटों की संख्या से कम था।

 चुनाव नतीजों पर पड़ा असर

तृणमूल कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पश्चिम बंगाल में SIR के तहत नाम हटाए जाने से चुनाव नतीजों पर काफी असर पड़ा है। सीनियर एडवोकेट कल्याण बनर्जी ने कहा कि 31 सीटों पर जीत का अंतर SIR के फैसले की वजह से हटाए गए नामों की संख्या से भी कम था।

उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल 862 वोटों से हार गए, जबकि उस चुनाव क्षेत्र में 5000 से ज्यादा नाम हटाए गए थे। बंदोपाध्याय ने कहा कि AITC और BJP के बीच वोटों का अंतर लगभग 32 लाख था, और नाम हटाए जाने के ख़िलाफ़ 35 अपीलें अभी भी लंबित हैं।

CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने बंदोपाध्याय से एक अर्जी दाखिल करने को कहा। वहीं ECI ने कहा कि इसका उपाय चुनाव याचिकाएं दाखिल करना है। सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी ने बेंच को बताया कि मौजूदा रफ्तार से अपीलें निपटाने में अपीलीय ट्रिब्यूनल को 4 साल तक लग सकते हैं। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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