पश्चिम एशिया संकटः यात्रा से पहले ट्रैवल इंश्योरेंस क्यों है जरूरी? फ्लाइट कैंसिलेशन से सामान खोने तक का मिलेगा कवर
पश्चिम एशिया संकट और बढ़ती उड़ान रद्द होने की घटनाओं के कारण यात्रा बीमा लेना अब अधिक महत्वपूर्ण हो गया ...और पढ़ें

बढ़ी ट्रैवल इंश्योरेंस की अहमियत (AI द्वारा जनरेटेड फोटो)
HighLights
पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी फ्लाइट रद्द होने की घटनाएं।
घरेलू यात्रा बीमा में उड़ान रद्द, सामान खोने का कवर।
अंतरराष्ट्रीय यात्रा में चिकित्सा खर्चों के लिए बीमा आवश्यक।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट के इस दौर में विदेश के साथ घरेलू यात्रा के दौरान ट्रैवल इंश्योरेंस लेना अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है। मुख्य रूप से एयर टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की कमी को देखते हुए घरेलू फ्लाइट भी काफी अधिक संख्या में रद हो रहे हैं।
घरेलू यात्रा के दौरान यात्री कई बार नान रिफंडेबल टिकट लेते हैं। ऐसे में फ्लाइट रद होने पर यात्रियों को खासा नुकसान उठाना पड़ता है। हालांकि, ट्रैवल इंश्योरेंस है तो इस प्रकार के नुकसान से बचा जा सकता है। कई ऐसे यात्री होते हैं जो काफी अधिक यात्रा करते हैं, उनके लिए सालाना स्तर पर ट्रैवल इंश्योरेंस का प्लान भी बाजार में उपलब्ध है।
ट्रैवल इंश्योरेंस में मेडिकल कवरेज होता है?
पालिसी बाजार के ट्रैवल इंश्योरेंस हेड मानस कपूर ने बताया कि घरेलू यात्रा के ट्रैवल इंश्योरेंस में मेडिकल कवरेज नहीं होता है, लेकिन इसमें यात्रा के दौरान दुर्घटना, सामान के खोने एवं यात्रा के रद होने की वजह से होने वाले नुकसान का कवरेज शामिल होता है। कुछ दिन पहले इंडिगो ने पायलट की कमी की वजह से बिना किसी पूर्व सूचना के कई उड़ानें रद कर दी थीं।
अब इंश्योरेंस कंपनियां इस प्रकार की अनिश्चितता का भी कवरेज दे रही हैं। पश्चिम एशिया संकट के बाद से घरेलू फ्लाइट के रद होने की संख्या बढ़ गई है। घरेलू ट्रैवल इंश्योरेंस अंतरराष्ट्रीय इंश्योरेंस के मुकाबले काफी सस्ता होता है।
ट्रेन में सफर करने के दौरान भी ट्रैवल इंश्योरेंस लिया जा सकता है। आईआरसीटीसी की साइट से टिकट बुक कराते समय ट्रैवल इंश्योरेंस लिया जा सकता है। कपूर ने बताया रेलवे के विंडो से टिकट खरीदने पर ट्रैवल इंश्योरेंस की सुविधा नहीं है।
देश देखकर ट्रैवल इंश्योरेंस की खरीदारी करें
जानकारों का कहना है कि विदेश यात्रा के दौरान ट्रैवल इंश्योरेंस की खरीदारी करते समय यह जरूर देखना चाहिए कि यात्रा किस देश की है और वहां इलाज का खर्च कितना महंगा है। क्योंकि अमेरिका और यूरोप के कई देशों में इलाज काफी महंगा है। ट्रैवल इंश्योरेंस लेने के दौरान इलाज के फंड का पूरा ध्यान रखना चाहिए।
एशिया के देशों में अपेक्षाकृत कम खर्च में इलाज हो जाता है। इनके लिए कम प्लान वाले इंश्योरेंस को लिया जा सकता है। विदेश यात्रा के लिए इंश्योरेंस प्लान में कंपनियां कनेक्टिंग फ्लाइट के छूटने या ट्रिप के रद होने पर 1000-2000 डालर की क्षतिपूर्ति की पेशकश करती हैं।
ट्रैवल इंश्योरेंस खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखना चाहिए। ट्रैवल इंश्योरेंस की खरीदारी करते वक्त मुख्य रूप से इन बातों का ध्यान रखना चाहिए कि यात्रा के लिए कहां जा रहे हैं, इंश्योरेंस खरीदने से क्या लाभ हो रहा है और अगर ट्रिप रद हो गई तो कितना नुकसान होगा।
