नई दिल्ली, एजेंसियां। राजधानी दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई राज्यों में पिछले कई दिनों से जमकर बारिश हो रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक बार फिर कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। आइएमडी ने अपने नवीनतम मौसम अपडेट में कहा कि गुजरात, राजस्थान और पश्चिम मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। 19 सितंबर यानी रविवार से गुजरात में बारिश की गतिविधि बढ़ने की संभावना है। 19 से 21 सितंबर के दौरान गुजरात राज्य और पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश होने की संभावना है।

आइएमडी ने अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में छिटपुट बारिश की भविष्यवाणी की है और उसके बाद इसमें कमी आने की संभावना जताई है। 19 से 21 सितंबर के दौरान उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हल्की बारिश की भविष्यवाणी की गई है।

ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार अगले 5 दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम भारत के बाकी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधि की संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही 18 से 20 सितंबर तक ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में व्यापक रूप से भारी बारिश की संभावना है।

देश की राजधानी दिल्ली में हल्की बारिश की संभावना

दिल्ली में शनिवार की सुबह सुहानी रही और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली में शनिवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। आइएमडी ने दिन में बाद में बहुत हल्की बारिश की संभावना के साथ आमतौर पर बादल छाए रहने की भविष्यवाणी की है। शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

सिंतबर के अंत तक उत्तर भारत में कम नहीं होगी बारिश की गतिविधि

आइएमडी ने गुरुवार को कहा था कि देश में इस साल मानसून का विस्तार होगा क्योंकि उत्तर भारत में बारिश की गतिविधि सितंबर के अंत तक घटने के कोई संकेत नहीं दिखाती है। इसमें कहा गया है कि सामान्य से अधिक बारिश की गतिविधि उत्तर पश्चिम, मध्य भारत में, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में सामान्य से अधिक और पूर्व और उत्तर पूर्व भारत में सामान्य से कम रहने की संभावना है।

आइएमडी के अनुसार उत्तर पश्चिम भारत से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी तब होती है जब क्षेत्र में लगातार पांच दिनों तक बारिश की गतिविधि बंद हो जाती है। निचले क्षोभमंडल के ऊपर एक चक्रवाती हवा का निर्माण होना चाहिए और नमी की मात्रा में भी काफी कमी होनी चाहिए।

उत्तर भारत से मानसून की वापसी के कोई संकेत नहीं

आइएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि अगले 10 दिनों तक उत्तर भारत से मानसून की वापसी के कोई संकेत नहीं हैं। एक बयान में आइएमडी ने कहा कि 23 से 29 सितंबर से सप्ताह के अंत से पहले उत्तर पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी की शुरुआत के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना नहीं है।

आइएमडी ने कहा कि यह सक्रिय मानसून की अपेक्षित सामान्य स्थिति और बंगाल की खाड़ी के ऊपर दो चक्रवाती सर्कुलेशन के लगातार बनने और मध्य और आसपास के उत्तर-पश्चिम भारत में उनके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने के कारण है।