मुंबई, रायटर। देश में लगातार तीसरे हफ्ते औसत से ज्यादा मानसूनी बरसात हुई है। इससे कुछ हिस्सों में सूखा पड़ने की आशंका तो कम हुई है, लेकिन दक्षिण और पश्चिम भारत के कुछ राज्यों में बाढ़ ने तबाही मचा दी है। महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और केरल में बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में 270 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, 12 लाख से ज्यादा लोग बेघर हुए हैं और हजारों लोग राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हुए हैं।

सबसे बुरा हाल केरल में है। केरल में मरने वालों की संख्या 95 हो गई है और 59 लोग अभी भी लापता हैं। 1200 से ज्यादा राहत शिविरों में हजारों लोग शरण लिए हैं। राज्य को अभी बारिश से राहत भी नहीं मिल रही है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक राज्य में भारी बारिश की चेतावनी दी है।

पुणे बाढ़ से बेहाल
बारिश और बाढ़ से बेहाल महाराष्ट्र के कोल्हापुर और सांगली जिलों में हालात में तो धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। लेकिन पुणे मंडल में हाल बेहाल हो गया है। अकेले पुणे मंडल में 48 लोगों की जान जा चुकी है। पुणे के साथ ही सांगली, कोल्हापुर, सतारा और सोलापुर जिलों में लगभग पांच लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। 46 गांव पूरी तरह से कट गए हैं।

कर्नाटक में हालात में सुधार
कर्नाटक के बाढ़ प्रभावित हासन जिले में चार और लोगों के शव मिलने से मरने वालों की संख्या 58 हो गई है। हालांकि, नदियों और जलाशयों में पानी कम होने से स्थिति पहले से बेहतर हुई है। आला अधिकारी प्रभावित इलाकों में डेरा डाले हुए हैं। बाढ़ में सुधार के बाद राहत कार्यो में तेजी लाई गई है। पीडि़तों तक मदद पहुंचाई जा रही है।

आरबीआइ गवर्नर को राहुल का खत
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास को पत्र लिखकर बाढ़ प्रभावित केरल के किसानों को कृषि कर्ज अदायगी की समयसीमा 31 दिसंबर तक बढ़ाने का अनुरोध किया है। राहुल गांधी केरल के वायनाड से सांसद हैं, जो बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में शामिल है।

राहुल ने कहा है कि केरल सदी की सबसे भीषण बाढ़ की चपेट में है। फसलों और अन्य संपत्तियों के नुकसान के चलते किसानों को इस समय कृषि कर्ज को चुकता करना मुश्किल होगा। राज्य स्तरीय बैंक समिति ने कर्ज चुकाने की समयसीमा को बढ़ाने से इन्कार कर दिया है।

Posted By: Nitin Arora

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